पुणे हादसा: राहत-बचाव कार्य में भारतीय सेना भी हुई शामिल, कई लोगों के फंसे होने की आशंका (लीड-1)
पुणे, 8 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) क्षेत्र में बुधवार को निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान जारी है। भारतीय सेना की टीम भी इस बचाव कार्य में शामिल हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणी कमान (सदर्न कमांड) की ओर से एक संयुक्त टास्क फोर्स को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। इस टीम में सेना के इंजीनियरिंग विशेषज्ञों, मेडिकल अधिकारियों और राहत दल के सदस्य शामिल हैं।
सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स और रिलीफ कॉलम राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
यह हादसा पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के मोशी कचरा डिपो परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के ढहने से करीब 23 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका थी। इसमें से 12 लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं। इसमें से 5 लोग खुद बाहर निकले जबकि सात लोगों को रेस्क्यू किया गया। वहीं, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। सेना की विशेष टीम के जुड़ने से बचाव अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल, पिंपरी-चिंचवड़ नगर आयुक्त विजयकुमार सूर्यवंशी और पुलिस आयुक्त विनयकुमार चौबे से संपर्क कर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर सेना को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, 1 जून से अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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