रांची में आंदोलन का 20वां दिन: छात्रों का आरोप- 'चिंगारी भड़काने की कोशिश कर रहा प्रशासन'
रांची, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में आयोजित प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, रिफॉर्म और जिम्मेदारी तय करने की मांग पर अड़े हैं।
छात्रों का कहना है कि हमारी मांगों को सुनी जानी चाहिए, लेकिन यह सरकार संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो होती हैं।
एक छात्र विकास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सरकार को छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेना चाहिए और उन पर उचित ध्यान देना चाहिए। सरकारें तो आती-जाती रहेंगी और समय के साथ बदलती रहेंगी, लेकिन जवाबदेही तय होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि सरकार को अभी उठाई जा रही समस्याओं का ईमानदारी से समाधान करना चाहिए और उन्हें पूरा करना चाहिए। छात्रों की मुख्य मांग है कि सीजीएल परीक्षा रद्द की जाए, उसमें सुधार किए जाएं और जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में छात्रों को एक जगह से दूसरी जगह भटकना न पड़े। न्याय का दरवाजा भी हमेशा छात्रों के लिए खुला रहना चाहिए
छात्र ने कहा, "हमारा आंदोलन जारी रहेगा, जब तक सरकार हमारी मांगों पर ईमानदारी के साथ संज्ञान नहीं देती है।" छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन यहां आकर चिंगारी भड़काने की कोशिश कर रहा है। वे फूट डालना चाहता है, लेकिन हम बंटेंगे नहीं। सभी की मांग जायज हैं।
एक अन्य छात्र करन कुमार ने कहा, "आज 20वां दिन है। कई लोग भूख हड़ताल पर भी हैं और उनमें से कई को अस्पताल ले जाना पड़ा है। लेकिन बात यह है कि 20 दिन बीत चुके हैं और सरकार ने अभी तक हमारी मांगें पूरी नहीं की हैं। इसीलिए हम 20 दिनों से यहां हैं। जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम यहीं रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि अभी 5-6 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें देवेंद्र नाथ महतो और भूख हड़ताल करने वाले अन्य छात्र हैं। कुछ छात्रों को विधानसभा घेराव के समय भी चोटें आईं।
--आईएएनएस
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