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वक्फ हमारी मिल्कियत, सरकार की नहीं, बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों पर जमीयत का कड़ा ऐतराज

09:04 PM Jul 10, 2026 IST | News Desk
वक्फ हमारी मिल्कियत  सरकार की नहीं  बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों पर जमीयत का कड़ा ऐतराज
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भोपाल, 10 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम शख्सियतों को शामिल किए जाने पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद मध्य प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अहमद खान ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में भी इसका विरोध किया जाना चाहिए।

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आईएएनएस से बातचीत में मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अहमद खान ने कहा कि यह हमारे देश के लिए अफसोस की बात है। मौजूदा सरकार हर चीज को जबरन दूसरे समुदाय पर थोपना चाहती है। इस देश में हर समुदाय के इबादत के तौर-तरीके अलग-अलग हैं और मजहबी आजादी दी गई है। हमारी मजहबी चीजें वक्फ से जुड़ी हुई हैं।

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उन्होंने कहा कि वक्फ के अंदर गैर-मुस्लिम को शामिल करना कितना सही है? अगर शामिल करना ही है तो हर चीज में लीजिए। अन्य चीजों में मुसलमानों को भी अपने साथ लीजिए। अगर करना है तो बराबरी करिए। वक्फ की चीजें मुसलमानों की मिल्कियत हैं, ये सरकार की चीजें नहीं हैं। ये सब चीजें मुसलमानों के लिए हैं, जिससे उनका फायदा मुसलमानों को मिले।

मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अहमद खान ने कहा कि कोई भी मस्जिद या मदरसा हमारी इबादत और आस्था से जुड़ा हुआ है। इसमें हम किसी गैर-मुस्लिम को कैसे स्वीकार कर सकते हैं? आज बोर्ड में शामिल हो जाएंगे और कल किसी और चीज में दखल देना शुरू कर देंगे। अगर कोई मस्जिद का मसला होगा तो हम उनके पास जाएंगे, उन्हें क्या पता कि मस्जिद और कब्रिस्तान में क्या-क्या और कैसी समस्याएं हैं।

उन्होंने कहा कि इसका विरोध करना चाहिए। मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में इसका विरोध किया जाना चाहिए। आज यह चीज नुकसानदेह नहीं लग रही है, लेकिन कल को यह बड़ी समस्या बनेगी। हम तमाम उलेमा से कहते हैं कि वे इसके खिलाफ खड़े हों, नहीं तो यह हमारे लिए मुसीबत बन जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इससे कभी पारदर्शिता नहीं आएगी, बल्कि खराबी आएगी। अभी राम मंदिर का मामला चल रहा है, उसमें क्या कर रहे हैं? मंदिर तो बचा नहीं पा रहे हैं और हमारी मस्जिदों और मजहबी चीजों को देखने की बात कर रहे हैं। आप अपनी चीजें बचा नहीं पा रहे हैं तो हमारी हिफाजत कैसे कर लेंगे?

उन्होंने कहा कि पहले भी वक्फ बोर्ड गरीबों की मदद करता था और अधिकारी इसकी देखभाल करते थे। हम कह रहे हैं कि अधिकारी बैठाइए, लेकिन किसी आम इंसान जो गैर-मुस्लिम है, उसे बोर्ड में जगह देने का हम विरोध करते हैं। मामला कोर्ट में है, अभी सुनवाई नहीं हुई है। हम सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.

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