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UN में भारतीय राजनयिका उठा रही थी चीन के प्रोजेक्ट पर सवाल, अचानक से बंद हो गया माइक

संयुक्त राष्ट्र में बुधवार को भारतीय राजनयिका प्रियंका सोहनी चीन के बेल्ट एंड इनिशिएटिव और इसकी महत्वाकांक्षी परियोजना सीपीईसी पर सवाल उठा रही थी, लेकिन बीच में ही उनका माइक अचानक बंद हो गया जिसे देख कर वहा बैठे सभी लोग हैरान हो गए। भारीतय राजनयिक चीन की परियोजनाओं के खिलाफ भारत की तरफ से आपत्ति जाता रही थी।
UN  में भारतीय राजनयिका उठा रही थी चीन के प्रोजेक्ट पर सवाल, अचानक से बंद हो गया माइक
संयुक्त राष्ट्र में बुधवार को भारतीय राजनयिका प्रियंका सोहनी चीन के बेल्ट एंड इनिशिएटिव और इसकी महत्वाकांक्षी परियोजना सीपीईसी पर सवाल उठा रही थी, लेकिन बीच में ही उनका माइक अचानक बंद हो गया जिसे देख कर वहा बैठें  सभी लोग हैरान हो गए। भारतीय राजनयिका चीन की परियोजनाओं के खिलाफ भारत की तरफ से आपत्ति जाता रही थी। राजनयिका के संबोधन के दौरान इस तरह माइक में गड़बड़ी आ जाने से वहा एकदम से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि कुछ मिनटों बाद इस समस्या को ठीक कर लिया गया।
अपर महासचिव ने तकनीकी खराबी के लिए सबसे माफी मांगी 

अचानक माइक में इस तरह से गड़बड़ी हो जाना कई सवाल खड़े करता है क्योकिं इस बैठक की मेजबानी चीन ही कर रहा था। माइक की समस्या दूर हो भी नहीं पायी थी कि तभी अगला वीडियो स्क्रीन पर शुरू हो गया हालांकि संयुक्त राष्ट्र के अपर महासचिव झेनमिन जो की चीन के पूर्व उप विदेश मंत्री भी है, उन्होंने उस वीडियो को रुकवा दिया और भारतीय राजनयिका से अपना भाषण जारी रखने को कहा। माइक की समस्या दूर हो जाने के बाद झेनमिन ने वहा बैठे सभी लोगों से इस तकनीकी खराबी के लिए माफी मांगी और भारतीय राजनायिका से कहा आपका फिर से स्वागत है। इसके बाद प्रियंका सोहनी ने अपना भाषण पूरा किया।  

राजनयिक ने कहा बीआरआरई भारतीय संप्रभुता में दखल देता है 

सोहनी ने अपने भाषण में कहा की ''हम भौतिक संपर्क बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आकांक्षा साझा करते हैं और हमारा मानना है कि यह समान और संतुलित तरीके से सभी के लिए व्यापक आर्थिक लाभ लेकर आएगा''। राजनायिका प्रियंका कहा की चीन ने बीआरआई का जिक्र किया है, तो मैं कहना चाहूंगी की हम इससे असमान रूप से प्रभावित हुए है तथा चीन इसे पाकिस्तान आर्थिक गलियारें में शामिल करके भारत की संप्रभुता में दखल देता है। प्रियंका ने कहा कि बीआरआई का उद्देश्य चीन के प्रभाव को बढ़ाना और एशिया, यूरोप तथा अफ्रीका के कई देशों को भूमि एवं समुद्री मार्ग से जोड़ना है। राजनायिका ने अपने भाषण में यह भी कहा की कोई भी देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर इसका समर्थन नहीं करेगा। 

पाकिस्तानी राजनयिक ने की बीआरआई की जमकर तारीफ

भारतीय राजनायिका के भाषण से पहले पाकिस्तान के राजनयिक ने भी अपना भाषण दिया था। पाकिस्तानी राजनयिक ने बीआरआई और सीपीईसी के बारें में जमकर तारीफ की थी।

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