दूरसंचार मानक विकसित करने में भारत की भागीदारी बढ़े

नई दिल्ली : सरकार का कहना है कि दूरसंचार उद्योग के समग्र विकास और विस्तार के लिये मानक विकसित किये जाने की जरूरत है और उद्योग को इसमें अपना समय और संसाधनों को लगाने से पीछे नहीं हटना चाहिये। दूरसंचार मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (दूरसंचार) अंशु प्रकाश ने ‘वर्ल्ड टेलिकम्युनिकेशन एण्ड इन्फोरमेशन सोसायटी डे (डब्ल्टीआईएसडी- 19)’ के 50 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कहा कि दूरसंचार उद्योग के लिये मानक तय करने के वास्ते एक संस्थागत प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।

पीएचडी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल और ब्राडबैंड इंडिया फोरम (बीआईएफ) के तत्वावधान में संयुक्त रूप से आयोजित इस समारोह में दूरसंचार उद्योग में मानकीकरण के अंतर को दूर करने पर जोर दिया गया। प्रकाश ने कहा कि दूरसंचार उद्योग की अहमियत और वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इसके लिये खास तरह के मानकों को विकसित किया जाना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस काम के लिये टीसीआईएल वहां है लेकिन फिर भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कालेजों और दूसरे संस्थानों को इस काम में साथ आना चाहिये और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये मिलकर काम करना चाहिये।

उन्होंने भारतीय उद्योग जगत का आह्वान किया कि वह अपने सभी संसाधनों और समय का इस्तेमाल करते हुए इस काम में सरकार की मदद के लिये आगे आये और उद्योग के लिये मानकों को तय करने में साथ दे ताकि नये मानदंड तय किये जा सकें जिनके आधार पर आगे और वृद्धि और विस्तार किया जा सके। पीएचडी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि देश के समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के लिये आवश्यक आर्थिक वृद्धि में भारतीय दूरसंचार क्षेत्र महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरा है।

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