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वित्त वर्ष 2019-20 में रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 12 फीसदी से घटकर 4.5 अरब डॉलर : रिपोर्ट

देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश बीते वित्त वर्ष 2019-20 में 12 प्रतिशत घटकर 4.48 अरब डॉलर या करीब 33,800 करोड़ रुपये रह गया। अमेरिका की संपत्ति क्षेत्र की सलाहाकर वेस्टियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि में गिरावट और कोरोना वायरस को लेकर अनिश्चितता से रीयल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश घटा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2019-20 में कुल संस्थागत निवेश 448 करोड़ डॉलर रहा। यह 2018-19 की तुलना में 12 प्रतिशत कम है।

बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 44 प्रतिशत घटकर 72.7 करोड़ डॉलर पर आ गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में संस्थागत निवेश का आंकड़ा पांच साल में सबसे कम रहा है। संपत्ति सलाहकार कंपनी वेस्टियन ने कहा कि संस्थागत निवेश में गिरावट की प्रमुख वजह पूरे साल के दौरान अर्थव्यवस्था की सुस्ती और अंतिम तिमाही में कोविड-19 के चलते पैदा हुई अनिश्चितता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें से 81 प्रतिशत यानी 363.6 करोड़ डॉलर का निवेश वाणिज्यिक संपत्तियों में आया जबकि आवासीय खंड को 13 प्रतिशत यानी 56.5 करोड़ डॉलर का निवेश मिला। विभिन्न शहरों की बात की जाए तो मुंबई, बेंगलुरु और पुणे को कुल निवेश का 90 प्रतिशत प्राप्त हुआ। सबसे अधिक 42 प्रतिशत निवेश मुंबई को मिला। उसके बाद बेंगलुरु को 37 प्रतिशत निवेश मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश मुख्य रूप से अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग और जापान से आया। कुल निवेश में अमेरिका के संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 67 प्रतिशत का रहा। कोविड-19 के भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में वेस्टियन ने कहा कि वाणिज्यिक संपत्ति क्षेत्र में अगली दो-तीन तिमाहियों तक सुस्ती रहेगी। वहीं आवासीय क्षेत्र में सुधार में लंबा समय लग सकता है।

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