बीड़ जिले में महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने की घटना की जांच हो : राकांपा

महाराष्ट्र के बीड़ जिले में गन्ने के खेतों में काम करने वाली महिलाओं के गर्भाशय कथित तौर पर निकाले जाने का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की एक सदस्य ने पूरे मामले की जांच कराने तथा यह पता लगाने की मांग की कि क्या राज्य में कहीं और भी या अन्य किसी राज्य में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं ? राकांपा की वन्दना चव्हाण ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया।

वन्दना ने कहा ‘‘बीड़ जिले में गन्ने के खेतों में काम करने वाली, रजस्वला आयु वर्ग की कई महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने की खबर है। बताया जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि मासिक धर्म की वजह से काम में ढिलाई न आए और जुर्माना न भरना पड़े।’’ वन्दना ने कहा ‘‘वहां पर काम के लिए ठेकेदार कामगारों की भर्ती करते हैं। ये ठेकेदार रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं की भर्ती नहीं करते क्योंकि वहां पर अगर पति या पत्नी में से एक भी काम पर न पहुंच पाए तो उसके साथ साथ दूसरे को भी जुर्माना भरना पड़ता है।’’ 

उन्होंने कहा ‘‘ बताया जाता है कि गर्भाशय निकालने के लिए ऑपरेशन कराने की खातिर ठेकेदार 20 हजार रुपये से 30 हजार रुपये तक की रकम देता है। वहां 20 साल से 30 साल की उम्र की महिलाओं के गर्भाशय भी निकाले जाने की खबर है।’’ राकांपा सदस्य ने कहा ‘‘इस मामले की जांच करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। केंद्र सरकार को इस गंभीर मामले की जांच कराना चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाना चाहिए कि क्या राज्य में कहीं और भी या अन्य किसी राज्य में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं ?’’ विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनके इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया। 
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