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क्या पूरी दिल्ली में डीडीएमए की पाबंदी को लागू किया जा रहा है : दिल्ली HC

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीडीएमए द्वारा भीड़ के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाने के आदेश को पूरी राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया जा रहा है।
क्या पूरी दिल्ली में डीडीएमए की पाबंदी को लागू किया जा रहा है : दिल्ली HC
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा भीड़ के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाने के आदेश को पूरी राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया जा रहा है।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि हलफनामा दायर कर बताएं कि दस अप्रैल को जारी डीडीएमए के पाबंदी आदेशों को किस तरह से लागू किया जा रहा है और क्या राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक या त्योहार के दौरान भीड़ इकट्ठा होने को अनुमति दी जा रही है।
अदालत को बताया गया कि डीडीएमए के आदेश को एकसमान रूप से लागू नहीं किया जा रहा है, क्योंकि एक खास धर्म के धार्मिक स्थलों के बाहर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और कतारें देखी जा रही हैं। न्यायाधीश ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के एक बयान पर भी नाखुशी जताई जिसमें उन्होंने कहा कि अदालत ने मस्जिदों के संचालन की अनुमति दी है।
अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इस तरह का बयान दिया जबकि मस्जिदों को फिर से खोलने के मुद्दे पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। सोलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि डीडीएमए के दस अप्रैल के आदेश के परिप्रेक्ष्य में रमजान के दौरान निजामुद्दीन मरकज मस्जिद के अंदर पांच से ज्यादा लोगों को जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जिसके बाद अदालत ने हलफनामा दायर करने के लिए कहा।
दिल्ली वक्फ बोर्ड की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह निर्देश दिया। याचिका में बोर्ड ने निजामुद्दीन मरकज को फिर से खोलने की मांग की जहां कोविड-19 महामारी के बीच तबलीगी जमात का कार्यक्रम हुआ था और यह पिछले वर्ष 31 मार्च से बंद है। अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल तय की।
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