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विदेश मंत्री जयशंकर ने कोविड-19 रोधी टीके के निर्यात पर आलोचनाओं को किया खारिज

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत द्वारा कोविड-19 रोधी टीके के निर्यात पर आलोचनाओं को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि खुराक के उत्पादन के लिये कच्चे माल की खरीद सहित वैश्विक प्रतिबद्धताओं को लेकर इसके कई कारण थे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कोविड-19 रोधी टीके के निर्यात पर आलोचनाओं को किया खारिज
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत द्वारा कोविड-19 रोधी टीके के निर्यात पर आलोचनाओं को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि खुराक के उत्पादन के लिये कच्चे माल की खरीद सहित वैश्विक प्रतिबद्धताओं को लेकर इसके कई कारण थे। विदेश मंत्री ने डिजिटल माध्यम से संवाद में कहा कि भारत ने अपने लोगों के टीकाकारण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि टीके के निर्यात पर सवाल उठाने वाले गंभीर लोग नहीं है। 
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई राजनीतिक नेताओं ने कोविड-19 रोधी टीके की मांग बढ़ने के बीच 6 करोड़ खुराक का निर्यात करने को लेकर सरकार की आलोचना की है। कोरोना वायरस संक्रमण अचानक बढ़ने को देखते हुए सरकार ने टीके का निर्यात रोक दिया है। 
आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत में स्थिति कठिन हो गई है और सरकार ने विभिन्न देशों को इससे अवगत करा दिया है तथा अधिकतर इस बात को समझ गए हैं। 
उन्होंने कहा, ‘‘ आज विदेश मंत्री के तौर पर मैं अन्य देशों, खासकर बड़े देशों से कहता हूं कि कृपया भारत में टीके के लिये कच्चे माल का प्रवाह बनाये रखें।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘ ऐसा मैं इसलिये कर रहा हूं क्योंकि एक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला हैं और एक भौगोलिक क्षेत्र में विशिष्ट तौर पर कुछ ही चीजे बनती हैं। कुछ ही समाज ऐसे हैं जो यह कह सकते हैं कि दूसरों पर निर्भरता को लेकर वे स्वायत्त हैं।’’ 
उन्होंने इस बात पर आश्चर्च व्यक्त किया कि क्या यह भारत के लिये संभव है कि वह दुनिया को आपूर्ति श्रृंखला का प्रवाह बनाये रखने के लिये कहे और इसका उत्पाद साझा नहीं करे। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ यह सवाल आप अपने आप से पूछें कि क्या एक तरफ मैं दुनिया को कहूं कि हमारी तरफ आपूर्ति श्रृंखला का प्रवाह बनाये रखें और जिस आपूर्ति श्रृंखला के अंतिम उत्पाद के लिये मैं कच्चा माल मांग रहा हूं, इसके संबंध में मैं आपको टीका नहीं दूंगा। ’’ 
उन्होंने कहा कि जैसे चीजें कठिन हो गई, हमने काफी ईमानदारी से दुनिया के देशों से बात की और कहा कि हमने प्रतिद्धताओं, उत्पादकों की अनुबंध संबंधी प्रतिबद्धताओं तथा कोवैक्स की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का पूरा प्रयास किया। लेकिन अभी कृपया इस बात को समझें कि हम काफी गंभीर स्थिति में हैं और मैं समझता हूं कि अधिकतर देशों ने इस बात को समझा। 
उन्होंने भारत की ओर से टीके के निर्यात पर सवाल उठाने वालों पर भी सवाल उठाये। जयशंकर ने कहा, ‘‘ मैं समझता हूं कि ये गैर जिम्मेदार लोग हैं और गंभीर लोग नहीं है जो इस तरह की दलील दे रहे हैं।’’ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से भारत में कोविशिल्ड टीके के उत्पादन के लिये जरूरी कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध को हटाने का आग्रह किया था। 
 
 
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