जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दिखा ईरानी प्रेम, नेशनल कांफ्रेंस विधायकों ने लहराए खामेनेई के पोस्टर, हाथापाई, नारेबाजी और जमकर हुआ बवाल
Jammu Kashmir Assembly Protest Iran Support: खाड़ी देशों में जारी जंग के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर रहे खामेनेई की मौत हो गई है साथ ही कई टॉप अधिकारी भी मारे गए है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ईरान की तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों का प्रेम और एकजुटता देखने को मिली। बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में ईरान के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
Jammu Kashmir Assembly Protest Iran Support: ईरान के साथ एकजुटता

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि पार्टी और जम्मू-कश्मीर सरकार अली खामेनेई की हत्या के मामले में ईरान के साथ एकजुटता से खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है और उन्होंने भारत के शीर्ष नेतृत्व से इस घटना की निंदा करने का आग्रह किया, साथ ही कहा कि वे ईरान के लोगों का समर्थन कर रहे हैं। हम ईरान के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर की पूरी सरकार ईरान के साथ

पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर की पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। जिस तरह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक समाज में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की थी, उसी तरह आज हम सब यहां खड़े हैं। विधायक तनवीर सादिक खामेनेई को शहीद का दर्जा देते हुए कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की गई, जिस तरह से उन्हें शहीद किया गया, किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है।
Ruckus Inside J andK Assembly: ईरान के लोगों का समर्थन

इस देश के शीर्ष नेतृत्व को इसकी निंदा करनी चाहिए। आज हम ईरान के लोगों का समर्थन करते हैं। इससे पहले 7 मार्च को जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की निंदा करते हुए कहा था कि हवाई बमबारी से सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को उन्होंने बल का दुरुपयोग और हर एक अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि किसी देश के नागरिकों को ही अपनी-अपनी सरकार चुनने का अधिकार है। अपने शासन का चुनाव करने का अधिकार केवल उस देश में रहने वाले लोगों को ही है। हवाई बमबारी से शासन परिवर्तन नहीं किया जा सकता। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया। इन हमलों में इस्लामिक गणराज्य के कई वरिष्ठ नेता भी मारे गए।

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