लश्कर का आतंकी ‘लंगड़ा’ पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड! NIA की चार्जशीट में बड़ा खुलासा
NIA Report on Pahalgam Attack: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) को बड़ा खुलासा किया है। दरअसल हमले को लेकर NIA गुरुवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले के पीछे पाकिस्तान में बैठा आतंकी नेटवर्क सक्रिय था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा ( Lashkar e Taiba) और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से है। एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस हमले की योजना पाकिस्तान में बैठकर बनाई गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने तकनीकी और खुफिया सबूतों के आधार पर हमलावरों और पाकिस्तान में मौजूद उनके संचालकों के बीच सीधा संबंध स्थापित किया है। जांच में आईपी एड्रेस, फोन नंबर और अन्य डिजिटल सबूतों का इस्तेमाल किया गया। एनआईए ने दावा किया कि हमले को “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” बताने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच में असली साजिश का खुलासा हो गया।
NIA Report on Pahalgam Attack: सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट 'लंगड़ा' को बताया मास्टरमाइंड

चार्जशीट में पाकिस्तान के आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ अली ('लंगड़ा') को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एनआईए के मुताबिक, वह लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ का बड़ा कमांडर है और लाहौर से पूरे ऑपरेशन को संचालित कर रहा था। एजेंसी ने कहा कि हमले के दौरान साजिद लगातार आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें लोकेशन व दिशा-निर्देश दे रहा था। एनआईए के अनुसार, वह भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में शामिल हो चुका है।
Pakistan Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में बना रखा था नेटवर्क

जांच एजेंसी के अनुसार, साजिद ने दक्षिण कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) का बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। इसी नेटवर्क की मदद से कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया गया। पहलगाम हमला भी इसी नेटवर्क के जरिए किया गया। एनआईए ने यह भी बताया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद टीआरएफ के गठन में साजिद की अहम भूमिका थी। इसके अलावा वह ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की गतिविधियों में भी शामिल रहा।
2005 में घुसपैठ कर भारत आया था साजिद
चार्जशीट के मुताबिक, साजिद का जन्म पाकिस्तान के कसूर इलाके में हुआ था। वह वर्ष 2005 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर भारत आया था। कुछ समय तक वह कुलगाम में रहा और वहां शबीरा नाम की स्थानीय महिला से शादी की। दोनों का एक बेटा भी हुआ। बाद में साजिद अपनी पत्नी के साथ वापस पाकिस्तान लौट गया, जबकि उसका बेटा कश्मीर में ही रह गया। एनआईए ने जांच के दौरान उसके परिवार और बेटे के बयान भी दर्ज किए हैं।
नकली पैर के सहारे चला रहा आतंकी गतिविधियां
एनआईए ने बताया कि साजिद एक हमले में अपना पैर खो चुका है और अब कृत्रिम पैर का इस्तेमाल करता है। इसके बावजूद वह पाकिस्तान में बैठकर लगातार आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने 15 और 16 अप्रैल को तीन आतंकियों को बेसरान घाटी की तरफ भेजा था।
इससे साफ होता है कि पहलगाम हमले की योजना वारदात से कुछ दिन पहले ही पूरी कर ली गई थी। एनआईए का कहना है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और उनके स्थानीय नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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