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J&K में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा वार, राजौरी से लश्कर के 3 मददगार गिरफ्तार, IED भी बरामद

Rajouri Police Lashkar Network Busted: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित OGW नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों पर आतंकियों को लॉजिस्टिकल मदद, सुरक्षित आवाजाही और गाइड के तौर पर सहायता देने का आरोप है। एक आरोपी की निशानदेही पर IED भी बरामद किया गया।
11:48 AM Sep 15, 2026 IST | Amit Kumar
Rajouri Police Lashkar Network Busted: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित OGW नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों पर आतंकियों को लॉजिस्टिकल मदद, सुरक्षित आवाजाही और गाइड के तौर पर सहायता देने का आरोप है। एक आरोपी की निशानदेही पर IED भी बरामद किया गया।
j k में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा वार  राजौरी से लश्कर  के 3 मददगार गिरफ्तार  ied भी बरामद
Rajouri Police Lashkar Network Busted (credit AI genreted)

Rajouri Police Lashkar Network Busted: जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी मिली है। राजौरी जिले में पुलिस ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित तौर पर जुड़े एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का पता लगाया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये आरोपी आतंकियों तक जरूरी मदद पहुंचाने और उनकी आवाजाही में सहयोग करने का काम करते थे।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि  गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, पिता गुलाम हुसैन, निवासी कोटचरवाल टेरियाथ, राजौरी; मोहम्मद आजम, पिता अली बहादुर, निवासी कोटचरवाल टेरियाथ, राजौरी और मोहम्मद मुश्ताक, पिता मोहम्मद इकबाल, निवासी उधान, राजौरी के रूप में हुई है। तीनों आरोपी राजौरी जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका आतंकी नेटवर्क से संपर्क कब से था और इनके जरिए किन-किन लोगों तक मदद पहुंचाई गई।

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पीर पंजाल में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल की जांच

पुलिस ने यह कार्रवाई पीर पंजाल इलाके में सक्रिय एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान की। जांच एजेंसियों को इस दौरान ऐसे सुराग मिले, जिनसे आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, तीनों आरोपी आतंकियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने में मदद करते थे। इसके अलावा उन्हें सुरक्षित ठिकानों, आवाजाही और स्थानीय स्तर पर दूसरी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भी आरोप है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

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जांच में आरोपियों की एक और कथित भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ये लोग आतंकियों के लिए स्थानीय गाइड के तौर पर काम करते थे। आरोप है कि वे आतंकवादियों को इलाके की भौगोलिक स्थिति समझने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में मदद करते थे। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने कुछ आतंकवादियों को राजौरी-पुंछ क्षेत्र से कश्मीर घाटी की तरफ जाने में भी मदद की। इसके अलावा नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए कुछ हमलों और अन्य बड़ी आतंकी वारदातों में भी इनकी कथित जमीनी भूमिका की जांच की जा रही है।

आरोपी के खुलासे पर IED बरामद

इस मामले में जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सफलता तब मिली, जब एक आरोपी की जानकारी के आधार पर भारी मात्रा में IED बरामद किया गया। शुरुआती जांच के मुताबिक, यह विस्फोटक उपकरण कथित तौर पर आतंकी संगठन के सदस्यों ने आरोपी के पास सुरक्षित रखने के लिए दिया था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि IED का इस्तेमाल किस संभावित हमले के लिए किया जाना था और इसे आरोपी तक किसने पहुंचाया था। बरामद विस्फोटक की जांच भी की जा रही है।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, आतंकियों के साथ उनके कथित संबंध और उन्हें दी गई मदद के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और आगे की जांच में इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ और अहम सुराग मिल सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह नेटवर्क राजौरी के अलावा आसपास के दूसरे इलाकों में भी सक्रिय था।

यह भी पढ़ें: हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा, कश्मीर में आतंकवादियों की मदद के मामले में जारी किया नया गैर-जमानती वारंट

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Amit Kumar

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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

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