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जेडीयू का आरजेडी से सवाल - बड़े बड़े वादे तो कर रहे हो पर इन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से लाओगे ?

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिये बृहस्पतिवार को अपने घोषणा पत्र के तहत सात निश्चय-2 लागू करने का संकल्प व्यक्त किया ।
जेडीयू का आरजेडी से सवाल - बड़े बड़े वादे तो कर रहे हो पर इन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से लाओगे ?
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिये बृहस्पतिवार को अपने घोषणा पत्र के तहत सात निश्चय-2 लागू करने का संकल्प व्यक्त किया । पार्टी ने कहा कि विपक्षी राजद ने जनता को गुमराह करने के लिये बड़े बड़े वादे किये हैं जिन्हें पूरा करने के लिये पांच लाख करोड़ रूपये की जरूरत होगी, लेकिन लोग जानना चाहते हैं कि यह पैसा कहां से आयेगा? 
बिहार विधानसभा चुनाव के लिये नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बृहस्पतिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया जिसमें सात निश्चय-2 के तहत युवा शक्ति, सशक्त महिला, हर खेत को सिंचाई के लिये पानी, स्वच्छ गांव एवं शहर, सम्पन्नता और सभी के लिये स्वास्थ्य सुविधा का वादा किया गया है । 
जदयू मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया । इसमे जदयू ने नारा दिया है,‘‘'पूरे होते वादे, अब हैं नए इरादे ।’’ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी ने राजद और उसके नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यहां के नौजवानों को बेवकूफ़ बनाकर, उन्हें बरगला कर वह गद्दी हथियाना चाहते हैं। 
उन्होंने कहा, ‘‘ इन्होंने (राजद ने) जो योजना बनायी है उसके लिए पांच लाख करोड़ रुपये का बजट चाहिए । उनको यह बताना चाहिए कि यह लोग इतना राजस्व कहाँ से लाएंगे? ’’ चौधरी ने कहा ‘‘ बिहार का बजट 2.11 लाख करोड़ रूपये का है जबकि राजद के शासनकाल में यह 24 हजार करोड़ रूपये का था । अब वे (राजद) बतायें कि पांच लाख करोड़ रूपया कहां से आयेगा ? 
चौधरी ने कहा ‘‘ इन्होंने 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। हमारा कहना है हम बिहार को सक्षम और स्वावलंबी बनाएंगे तथा युवाओं को इतना सक्षम बनाएंगे कि वे अपने साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकें।’’ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने संवाददाताओं से कहा ‘‘ हम जो वादा करते हैं, उसे पूरा करते हैं और हमारा पहला सात निश्चय इसका उदाहरण है ।’’ 
राजद नेता और महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे पर निशाना साधते हुए वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, ‘‘ नीतीश कुमार सिर्फ वादा करने के लिए कुछ नहीं बोलते। अगर उन्होंने कुछ कहा है तो उसे जरूर पूरा करेंगे। लेकिन अनुभवहीन नेता कह रहे हैं कि 10 लाख नौकरियां देंगे।’’ 
उन्होंने पूछा ‘‘ इन नौकरियों के लिए 58 हजार करोड़ रुपए कहां से आएंगे? बिहार की वित्तीय स्थिति जाने बगैर ही इस तरह के वादे कर दिए गए। न अनुभव है, न वित्तीय स्थिति की जानकारी है और न ही उन्हें यह पता है कि वादा पूरा नहीं करने का परिणाम क्या होता है ।’’ 
वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा ‘‘ वह (तेजस्वी) कह रहे हैं कि 4.5 लाख पद रिक्त हैं। लेकिन उन्हें पता ही नहीं है कि इसमें भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है, विज्ञापन भी निकाले गए हैं ।’’ सिंह ने कहा, ‘‘सामाजिक दायित्व को निभाना, उसे बनाये रखना और समाज को देखते हुए राज्य के खजाने के बारे में सोचना राजधर्म होता है । शराबबंदी से राज्य के खजाने पर असर हुआ या न हुआ हो, समाज में निश्चित ही इसका असर हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि 15 वर्षों में परिवर्तन जनता ने देखा है। 
जदयू ने अपने घोषणापत्र सात निश्चय-2 में कहा है ‘‘ हमारा संकल्प है, युवा शक्ति-बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, आर्थिक हल-युवाओं को बल, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-समृद्ध शहर, हर खेत को सिंचाई के लिये पानी, सबके लिये स्वास्थ्य.... ।’’ 
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