जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने नागर विमानन मंत्रालय के बाहर किया प्रदर्शन

आर्थिक संकट से जूझ रहे जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने मंगलवार को नागर विमानन मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया और एयरलाइन के पुनरूद्धार तथा उनके बकाया वेतन के भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों ने यह प्रदर्शन उस समय किया है जब नकदी के संकट के चलते पिछले महीने के मध्य में इसका परिचालन बाधित है और भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाला कर्जदाताओं का संघ एयरलाइन के लिये खरीदार ढूंढने की मशक्कत कर रहा है।

जेट एयरवेज के करीब 200 कर्मचारियों ने बैनर के साथ प्रदर्शन किया। इन बैनरों पर लिखा था ‘‘हमारी पुकार सुनें, 9 डब्ल्यू को उड़ान भरने दें’, ‘हम पर परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारियां हैं, कृपया 9 डब्ल्यू पर दया करें’’ और ‘‘घर को साफ रखने में परिवार का हर व्यक्ति एक दूसरे की मदद करता है।”  जेट एयरवेज के लिये ‘9डब्ल्यू’ फ्लाइट कोड है।

jet airways protest

 प्रदर्शनकारी जैसे ही मंत्रालय की ओर बढ़े, दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने उन्हें रोकने के लिये अवरोधक लगा दिये। विमान के तीन कर्मचारियों ने नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस. के. मिश्रा से मुलाकात की। मिश्रा से मुलाकात करने वाले कर्मचारियों में शामिल आशीष कुमार मोहंती ने बाद में बताया, “हमने जेट एयरवेज के अंदर आज के हालात से अवगत कराया, हमें पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इस बीच हमारा मेडिकल कवरेज भी रोक दिया गया है क्योंकि प्रबंधन ने हमसे कहा कि उनके पास कोई राजस्व नहीं है।” मोहंती एयरलाइन के इंजीनियरिंग विभाग में कर्मचारी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने एयरलाइन के संदर्भ में तीन अहम चिंताओं से उन्हें अवगत कराया, जो-कर्मचारियों के लंबित वेतन, जेट एयरवेज को देखरेख के लिये फिलहाल कोई प्रबंधन नहीं होना और एसबीआई की निलामी प्रक्रिया में तेजी लाना हैं।’’ जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दूबे, मुख्य वित्त अधिकारी अमित अग्रवाल, कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी कुलदीप शर्मा और मुख्य लोक अधिकारी राहुल तनेजा ने 14 मई को अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

Jet Airways

मोहंती ने कहा, ‘‘संयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार जेट एयरवेज के पुनरूद्धार को लेकर बहुत चिंतित है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी इसके बारे में जानते हैं और इस संबंध में बातचीत तथा बैठकें चल रही हैं। हमने उन्हें बताया कि बातचीत और बैठकें तो पिछले तीन-चार महीने से चल रही हैं लेकिन कागज पर अब तक कुछ नहीं हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि मिश्रा ने बताया कि एयरलाइन को फिर से पंजीकृत किया जा रहा है और प्राथमिक चिंता कर्मचारियों का बकाया वेतन है। मोहंती के अनुसार संयुक्त सचिव ने कहा कि वह अपने ‘‘शीर्ष अधिकारियों को’’ कर्मचारियों की चिंता के बारे में बतायेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को इस संबंध में मंगलवार को याचिका दी जायेगी।

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