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CID के सामने खुला JSSC CGL पेपर लीक का राज, 12 लाख लेकर 15 छात्रों को रटाए 65 सवाल

झारखंड में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले तीन हफ्तों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान आज सोमवार, 10 अगस्त, 2026 लाखों छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले हैं।
12:14 PM Aug 10, 2026 IST | Shivangi Shandilya
झारखंड में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले तीन हफ्तों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान आज सोमवार, 10 अगस्त, 2026 लाखों छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले हैं।
cid के सामने खुला jssc cgl पेपर लीक का राज  12 लाख लेकर 15 छात्रों को रटाए 65 सवाल
JSSC CGL Paper Leak

झारखंड में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले तीन हफ्तों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान आज सोमवार, 10 अगस्त, 2026 लाखों छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले हैं। छात्रों का आरोप है कि राज्य में होने वाली हर सरकारी परीक्षा में धांधली होती है और पैसे के बदले नौकरियां दी जाती हैं; नतीजतन, योग्य छात्र नौकरी पाने से वंचित रह जाते हैं और बेरोजगार बने रहते हैं। उनका कहना है कि सरकार उनकी शिकायतों को सुनने को तैयार नहीं है। उनकी मांग है कि जो परीक्षाएं हो चुकी हैं, उन्हें रद्द करके दोबारा आयोजित किया जाए। इसी बीच जेएसएससी और सीजीएल परीक्षा में भी पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।

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CID के सामने कबूला जुर्म

बता दें कि CID के सामने बड़ा खुलासा हुआ है। जेएसएससी और सीजीएल परीक्षा के प्रश्न पत्र खरीदने और बेचने का बड़ा भड़ाफोड़ हुआ है। आरोप है कि आरोपी ने प्रत्येक छात्रों से 12-12 लाख रूपये लिए गए थे। इतना ही नहीं बोकारों के एक छात्र समेत 15 अभ्यर्थी को पेपर रटवाया गया था। ऐसे में बोकारो समेत अन्य जगहों से 15 छात्रों से 12-12 लाख कर कुल 80 लाख रूपये की वसूली की गई थी। इस मामले में अभय तिवारी का नाम शामिल है, जो जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सलाखों के पीछे है। इसका खुलासा उसने खुद CID की पूछताछ में किया है।

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65 प्रश्न के उत्तर रटवाए गए थे

इतना ही नहीं, CID के सामने उसने स्वीकार किया है कि उक्त JSSC की CGL परीक्षा में उसे 48 रैंक हासिल हुआ था। इस एग्जाम में उसका भाई और उसकी पत्नी का भी चयन हुआ था। ये तीनो अभी झारखंड सरकार में कार्यरत है। ये सारा धांधली एग्जाम के दौरान बायोमीट्रिक से शुरू करता था। अभय तिवारी बायोमीट्रिक और पेपर तैयार करने वाले विभाग से संपर्क में था। एग्जाम से पहले प्रश्न पेपर खरीदता और बेचता था। खबर है कि 65 प्रश्नों का उत्तर रटवाया गया था। अब जा कर इसका खुलासा हुआ है। हालांकि, इस मामले में कई और बड़े लोग शामिल होने के आसार है। CID आगे का कार्रवाई कर रही है।

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Shivangi Shandilya

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शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

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