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बिहार-झारखंड के मंत्री रहे माधव लाल का निधन, रांची के पल्स अस्पताल में ली अंतिम सांस, 4 बार रह चुके हैं विधायक

12:39 PM May 13, 2026 IST | Rohit Singh
बिहार झारखंड के मंत्री रहे माधव लाल का निधन  रांची के पल्स अस्पताल में ली अंतिम सांस  4 बार रह चुके हैं विधायक
Madhav Lal Singh Death

Madhav Lal Singh Death : बिहार-झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके माधव लाल सिंह का बुधवार को निधन हो गया है. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और रांची के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.

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बीते दिनों अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया. जहां उन्हें पल्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि वे मौत से लड़ नहीं पाए और बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर फैलते ही गोमिया सहित पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई.

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4 बारे जीते विधायकी

Madhav Lal Singh Death
Madhav Lal Singh Death

माधव लाल सरल स्वभाव के थे, लोगों के बीच वे माधव बाबू के नाम से जाने जाते थे. बता दें, माधव लाल सिंह गोमिया विधानसभा क्षेत्र के बड़े नेता थे. उनकी राजनीति जमीनी स्तर की थी. उन्होंने 4 बार इसी विधानसभा से जीत हासिल की, 1985, 1990, 2000 और 2009 में गोमिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी.

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साल 2000 में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और झारखंड गठन के बाद 2000 में भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली. वे उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने 2 राज्यों की कैबिनेट में हिस्सा लिया. उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

ग्रामीण इलाकों में थी मजबूत पकड़

Madhav Lal Singh Death
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माना जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनकी गहरी पकड़ थी. गोमिया विधानसभा क्षेत्र झारखंड के बोकारो जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण सामान्य सीट है, जो गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. इस इलाके की खासियत ही यही है कि आम लोगों से सीधे जुड़ाव बने बगैर कोई नेता नहीं बन सकता. माधव सिंह जनता के बीच रहने वाले नेताओं में जाने जाते थे.

उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का पल्स अस्पताल और उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया. कई समर्थक फोन पर बात करते हुए भावुक हो उठे.

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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