कमलनाथ ने 30 सालों से नहीं देखी कोई फिल्म

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आए एक्जिट पोल को ‘मनोरजन पोल’ करार देने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बारे में सच्चाई यह है कि वह अपने निजी जीवन में अलग से कोई मनोरंजन नहीं करते। उन्होंने आईएएनएस को बताया है कि पिछले 30 सालों से उन्होंने न कोई फिल्म देखी है, और न कोई टीवी सीरियल ही। वह 12 से 14 घंटे राजनीति और राज्य के विकास के बारे में सोचते और सक्रिय रहते हैं।

कमलनाथ ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा चुनाव पर पिछले रविवार को आए एक्जिट पोल को ‘मनोरंजन पोल’ करार दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘सोशल मीडिया पर बहुत-सी ऐसी जानकारियां आ रही हैं, यह एग्जिट पोल नहीं मनोरंजन पोल है। असली पोल जो खुलने वाली है, वह 23 तारीख को खुलेगी।’ अब इतनी मनोरंजक बातें बोल देने वाले कमलनाथ स्वयं मनोरंजन से दूर हैं। कोई सोच सकता है कि लंबी चुनावी प्रक्रिया की थकान मिटाने के लिए वह कहीं घूमने-फिरने जा सकते हैं या फिर कोई फिल्म देख सकते हैं।

लेकिन कमलनाथ ने आईएएनएस के साथ बातचीत कहा, ‘बीते 25-30 सालों से न कोई मैंने फिल्म देखी है, और न कोई सीरियल।’ कोई 40 सालों से राजनीति में सक्रिय कमलनाथ को याद भी नहीं कि अंतिम फिल्म उन्होंेने कब देखी थी और वह कौन-सी फिल्म थी। कमलनाथ राज्य के विकास की रणनीति बनाने और पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं। एक्जिट पोल के बाद उत्साहित विपक्षी भाजपा ने विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा है। हो सकता है सरकार के सामने बहुमत साबित करने की नौबत आए।

कमलनाथ बहुमत साबित करने की तैयारी में भी जुटे हुए हैं। कमलनाथ उम्मीदवार भी हैं। लेकिन इस बार लोकसभा के लिए नहीं, विधानसभा के लिए, क्योंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद छह माह के भीतर उनका विधायक चुना जाना जरूरी है। उनकी छिंदवाड़ा विधानसभा सीट का परिणाम भी 23 मई को आएगा। अपनी लोकसभा सीट से इस बार उन्होंने बेटे नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है, जहां से कमलनाथ नौ बार सांसद रहे हैं। नकुलनाथ ने इस चुनाव के साथ राजनीति में औपचारिक कदम रखा है।

 बेटे नकुलनाथ के राजनीतिक भविष्य और संभावनाओं से जुड़े आईएएनएस के सवाल पर पिता कमलनाथ ने कहा, ‘समय बताएगा। शुरुआत में तो आवश्यक एक जम्प स्टार्ट होता है। मगर उसके बाद आपको अपनी क्षमता, अपनी दक्षता सिद्घ करनी पड़ती है।’ लोकसभा चुनाव के दौरान छिंदवाड़ा में कमलनाथ ने वहां के मतदाताओं और नकुलनाथ के बीच सीधे संबंध बनाने पर जोर दिया था। कमलनाथ ने यहां कई बार साफ तौर पर कहा, ‘मैं आपका हूं।

अब मुझ पर प्रदेश की जिम्मेदारी है, छिंदवाड़ा की जिम्मेदारी नकुलनाथ (बेटे) को दे रहा हूं। इनको पकड़कर रखिएगा, काम न करें तो इनके कपड़े फाड़िएगा।’ कमलनाथ की कांग्रेस में एक ताकतवर नेता की पहचान है। बीते चार दशक से वह राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें गांधी परिवार के एक सबसे करीबी नेता माना जाता है। उन्हें इंदिरा गांधी के तीसरे पुत्र के तौर पर भी पहचाना गया।

वह संभवत: उन गिने-चुने नेताओं में से हैं, जिन्होंने इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के साथ काम किया और अब वह राहुल गांधी के साथ काम कर रहे हैं। पार्टी में उनकी राजनीतिक हैसियत कभी कम नहीं हुई है। कमलनाथ फुलटाइमर राजनेता हैं। बीते डेढ़ माह के दौरान उन्होंने एक दिन में तीन से पांच सभाएं कीं। कमनाथ के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह प्रति दिन 12 से 14 घंटे राज्य के विकास की योजनाओं पर, विभिन्न वर्गो की समस्याएं निपटाने में और संगठन की मजबूती के लिए सक्रिय रहते हैं। वह पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष भी हैं।

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