7 मुंह वाले सांप की केंचुली कर्नाटक के इस गांव में मिली,लोगों ने की पूजा

कर्नाटक के कनकपुरा गांव में  कल सुबह से लोगों की भीड़ लगी पड़ी है। वहां पर आस-पास के दूसरे गांव के लोग भी जा रहे हैं। बेंगलुरु से केवल 60 किलोमीटर दूर पर स्थित इस गांव में कुछ ऐसी चीज दिख गई जो आपको काफी ज्यादा हैरान कर देगी। वहां के गांव वाले लोगों को एक खेत में सांप की केंचुली मिली है जिसके सात सिर थे। अब इस केंचुली को देख हर कोई दहशत में है। 


पौराणिक कथाओं में शेषनाग के थे 7 सिर

ऐसा बोला जा रहा है कि लोग केंचुली को गांव के मंदिर ले गए है। इसके बाद वहां पर उसे हल्दी-कुमकुम लगाकर उसकी पूजा-अर्चना भी करनी शुरू कर दी। मान्यता के अुनसार शेषनाग के सात होते थे। केंचुली देखकर ग्रामीणों को यह विश्वास होने लगा कि शेषनाग का अस्तित्व आज भी है।
ऐसी ही केंचुली छह महीने पहले भी मिली थी

अब इस सांप की केंचुली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। प्रशांत एमएन नाम के एक ग्रामीण का कहना है कि करीब 6 महीने पहले भी इसी प्रकार की सांप की एक केंचुली मिली थी। दूसरी बार ऐसा होने पर लोगों का मानना है कि वहां ईश्वी की दैवीय शक्ति वास करती है। 


सफाईकर्मी ने मंदिर में देखा सबसे पहले

मंदिर में सफाई करने वाले एक कर्मचारी ने सफाई करते समय देखा था। जिसके बाद उसने पूरे गांव को इसकी सूचना दे दी। जहां पर सांप की केंचुली मिली है वो जगह मंदिर प्रांगण से 10 फीट की दूरी पर है। 


वहीं सर्प विशेषज्ञों ने इस तरह के किसी भी सांप के जीवित रहने की बात को नकार दिया है। उनका कहना है कि सात तो दूर अब दो मुंह वाले सांप भी अस्तित्व में नहीं है। ऐसा होता है कि सांप दो-तीन महीने के नियमित अंतराल पर अपनी पुरानी चमड़ी की जगह नई चमड़ी के लिए केंचुली छोड़ देते है और इसी से सांपों में बढ़ोत्तरी होती है। 
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