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तानाशाह किम ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के युद्धाभ्यास से पहले सेना को क्षमताएं मजबूत करने का दिया निर्देश

तानाशाह किम जोंग उन ने अगले महीने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच वार्षिक युद्भाभ्यास से पहले सैन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात के दौरान किसी भी विदेशी उकसावे से निपटने के लिए क्षमताएं मजबूत करने का आह्वान किया।
तानाशाह किम ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के युद्धाभ्यास से पहले सेना को क्षमताएं मजबूत करने का दिया निर्देश
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को कहा कि तानाशाह किम जोंग उन ने अगले महीने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच वार्षिक युद्भाभ्यास से पहले सैन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात के दौरान किसी भी विदेशी उकसावे से निपटने के लिए क्षमताएं मजबूत करने का आह्वान किया। इसे प्योंग्यांग आक्रामक पूर्वाभ्यास के तौर पर देखता है। इस हफ्ते की शुरुआत में, किम ने दक्षिण कोरिया के साथ बंद संचार माध्यमों को फिर से खोल दिया जिससे कोरियाई प्रायद्वीप पर दुश्मनी कम होने की उम्मीदें जगी थी। 
लेकिन इसके बावजूद कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्योग्यांग अभ्यास के जवाब में मिसाइल परीक्षण या तनाव बढ़ाने वाली अन्य कार्रवाई कर सकता है। अभ्यास को सियोल और वाशिंगटन ने पिछले वर्षों में कूटनीति का समर्थन करने के लिए बदल दिया है।आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि किम ने उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा के लिए 24 जुलाई से 27 जुलाई के बीच सैन्य कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन किया। इसने कहा कि उत्तर कोरिया की सेना की स्थापना के बाद से इस तरह की यह पहली बैठक थी।
केसीएनए ने बताया कि बैठक के दौरान किम ने “जोर दिया कि कमांडरों एवं राजनीतिक अधिकारियों को दुश्मनों के किसी भी सैन्य उकसावे से आक्रमक एवं सक्रिय रूप से निपटने के लिए तैयारियां पूरी करने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।” किम ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया का स्पष्ट रूप से संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि शत्रुतापूर्ण ताकतें पहले हमला करने के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है और युद्ध अभ्यास को तेज कर रही हैं। केसीएनए द्वारा दिए गए किम के भाषण में उनके परमाणु कार्यक्रम का उल्लेख नहीं था और इसमें अमेरिका या दक्षिण कोरिया के खिलाफ कोई उग्र बयानबाजी का जिक्र नहीं था।
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