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तुलसी के पौधे बनते हैं राधा-कृष्ण की रासलीला के गवाह, रात होते ही बदल लेते हैं रूप

मान्यताओं और आस्था का केंद्र माने जाने वाले भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगह हैं जहां पर आज भी भगवन के अस्तित्व की कोई न कोई झलक देखने को जरूर मिल जाती है।
तुलसी के पौधे बनते हैं राधा-कृष्ण की रासलीला के गवाह, रात होते ही बदल लेते हैं रूप
मान्यताओं और आस्था का केंद्र माने जाने वाले भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगह हैं जहां पर आज भी भगवन के अस्तित्व की कोई न कोई झलक देखने को जरूर मिल जाती है। इन्हीं सभी जगहों में से एक है वृंदावन का निधि वन। जानकारी के अनुसार इस जगह राधा और कृष्ण शाम के अंधेरे में रास रचाने आते हैं उनका साथ देने के लिए वन में मौजूद पेड़ गोपियां बन जाती है।


पौराणिक मान्यता के अनुसार हर शाम को यहां पर आरती के बाद निधिवन को बंद कर दिया जाता है,उसके बाद वहां पर कोई नहीं रहता है। यहां तक की यहां पर पशु-पक्षी भी अपना ठिकाना कहीं और चले जाते हैं। मान्यता यह भी है कि जो भी मनुष्य रासलीला देखने की कोशिश करता है। उसकी मौत हो जाती या वो पागल हो जाता है। 


निधिवन की एक और बात बेहद हैरान कर देने कर देने वाली है कि वो यहां लगे हुए तुलसी के पौधे। निधिवन में तुलसी का हर पौधा जोड़े में है। कहा जाता है कि जब राधा-कृष्णा वन में रास रचाते हैं तब यही जोड़ेदार पेड़ गोपियां बन जाती है और जैसे ही सुबह होती है फिर वहां पर तुलसी के पौधे उग जाती है। 

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