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जानिए कितना अमीर है ब्रिटेन का शाही परिवार, ऐसे होती है आमदनी

इंसान चाहे अमीर हो या गरीब, होता तो वो इंसान ही है। लेकिन बहुत सी बातें ऐसी हैं जो एक इंसान को औरों से अलग, या खास बनाती हैं। आप ब्रिटेन का शाही परिवार को ही ले लीजिए। हाल ही में ब्रिटेन के छोटे राजकुमार यानी प्रिंस हैरी अमेरिकी की अभिनेत्री मेघन मर्केल के साथ […]
जानिए कितना अमीर है ब्रिटेन का शाही परिवार, ऐसे होती है आमदनी

इंसान चाहे अमीर हो या गरीब, होता तो वो इंसान ही है। लेकिन बहुत सी बातें ऐसी हैं जो एक इंसान को औरों से अलग, या खास बनाती हैं। आप ब्रिटेन का शाही परिवार को ही ले लीजिए। हाल ही में ब्रिटेन के छोटे राजकुमार यानी प्रिंस हैरी अमेरिकी की अभिनेत्री मेघन मर्केल के साथ शादी के बंधन में बंधे हैं। ब्रिटिश राजघराने के छोटे राजकुमार यानी प्रिंस हैरी की शादी में भी जमकर खर्चा किया गया।


शाही परिवार के पास है खरबों की संपत्ति
ब्रिटेन में लोकतंत्र तो है, लेकिन आज भी राजतंत्र की तरह महाराजा और महारानी वहां अपना साम्राज्य चलाते हैं।वर्तमान समय में यहां की महारानी 92 वर्षीय क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय हैं, इन्हीं के पास राजघराने की गद्दी है। अकेले महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की की संपत्ति 10 बिलियन डॉलर है, यानी लगभग 6 खरब 812 करोड़ रुपए। इतना ही नहीं महारानी के 96 वर्षीय पति प्रिंस फ़िलिप को राजगद्दी से हटने के बाद ब्रिटेन की सरकार की ओर से सालाना 442 हजार डॉलर पेंशन भी मिलती है।

वहीं प्रिंस चार्ल्स की संपत्ति 370 मिलियन डॉलर है। इसी तरह प्रिंस विलियम, प्रिंस हैरी और शाही परिवार के अन्य सदस्यों की भी अकेले की संपत्ति मिलियन डॉलर में है। पूरे शाही परिवार की कुल संपत्ति का आकलन किया जाए तो फ़ोर्ब्स पत्रिका की 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार क्वीन एलिजाबेथ और शाही परिवार की कुल संपत्ति 88 बिलियन या 88 अरब डॉलर यानी लगभग 60 हजार करोड़ रुपए है।

कैसे होती है आमदनी
अब यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि ब्रिटेन के इस शाही परिवार को इतने पैसे आखिर मिलते कहां से हैं? माना जाता है कि शाही परिवार की कमाई मुख्य रूप से तीन प्रकार से होती है। इनकी आमद का पहला स्त्रोत है सोवरन ग्रांट, दूसरा प्रिवी पर्स और तीसरा ड्यूचीस। सोवरन ग्रांट, यानी शाही परिवार एक समझौते के तहत अपनी सारी शक्ति और अधिकार यानी क्राउन एस्टेट ब्रिटेन की संसद को सौंप दिए थे।

ब्रिटिश सरकार शाही परिवार के क्राउन एस्टेट की शक्ति का प्रयोग करके आने वाले मुनाफे यानी सरकार अपने मुनाफे का 15 फीसदी हिस्सा हर दो साल में शाही परिवार को देता है। प्रिवी पर्स शाही परिवार की राजगद्दी पर बैठने वाले महाराजा या महारानी का निजी आर्थिक स्त्रोत है। ये उनके परिवार के खर्चों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान समय में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय इस गद्दी पर बैठी हैं और इनके अधिकार क्षेत्र में 18,433 हैक्टेयर ज़मीन भी है। और इस जमीन के ऊपर घर, व्यवसायिक मकान बने हुए हैं, इतना ही नहीं खाली जमीन पर खेती भी होती है। जहां से इनको काफी आमद होती है। घरों से हुई आमद में से देखभाल के खर्चे घटाने के बाद सारा बचा पैसा महारानी को दे दिया जाता है।

शाही परिवार के नाम पर लंदन के साथ-साथ स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में भी बहुत संपत्ति है। ड्यूचीस यानी ब्रिटेन में जब राजतंत्र था, तब देश ड्यूची में बंटा हुआ था, जिस पर शाही परिवार का अधिकार होता था। तब से ये व्यवस्था आज भी जारी है। इस समय इंग्लैंड में दो ड्यूची हैं, पहला कोर्नवॉल और दूसरा लैंचेस्टर। इसमें कोर्नवॉल से जो पैसा आता है, वह शाही परिवार के पास चला जाता है। इन सबके अलावा महारानी एलिजाबेथ के पास एक अनुमान के अनुसार 414 मिलियन डॉलर की प्राइवेट जायदाद भी है।

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