जानें क्या कहता है दांतों के बीच का गैप और इसके कितने हैं फायदे

समुद्रशास्त्र की रचना के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह एक धार्मिक कथा है इसकी रचना खुद भगवान शिव और माता  पार्वती तथा इनके बड़े बेटे कार्तिकेय ने करी है। लेकिन फिर किसी वजह से इसे समुद्र में फेंक दिया गया था। बाद में कहीं जाकर इस शास्त्र को समुद्र से ग्रहण किया गया इस वजह से इसका नाम समुद्रशास्त्र ही रख दिया गया।


मान्यता है समुद्रशास्त्र में हर एक इंसान के शारीरिक अंगों की बनावट के आधार पर उस व्यक्ति की खूबियों के बारे में आप जान सकते हैं। इतना ही नहीं इससे तो व्यक्ति के स्वभाव के बारे में भी पता लगाया जा सकता है। तो चाहिए आज हम आपको बताएंगे जिन लोगों के दांतों के बीच में जगह बची होती है ऐसे लोगों के बारे में समुद्रशास्त्र में क्या कहा गया है। 


1.होते हैं क्रिएटिव

मान्यता है कि जिन लोगों के दांतों के बीच में गैप होता है वो काफी ज्यादा क्रिएटिव होते हैं। ऐसे लोगों में आर्ट को परफॉर्म करने की जबरदस्त कला होती है इतना ही नहीं यह हर एक काम काफी ज्यादा प्रजेंटेबल ढंग से करना पंसद करते हैं। इनकी यही वह खूबी है जो इन्हें कैरियर में आगे लेकर जाती है और सीनियर्स भी इनके काम के दीवाने हो जाते हैं। 



2.बहुत मेहनती होते हैं

जिन भी लोगों के दांतों के बीच गैप होता है ऐसे लोगों को सफलता मिलने की संभावनाएं काफी ज्यादा होती है लेकिन यह लोग बावजूद इसके अपनी मेहनत के दम पर ही आगे बढऩा पसंद करते हैं। इनके चरित्र की यह खासियत है कि बहुत सारी मुसीबतें झेलने के बाद भी यह लोग अपना मुकाम कैसे न कैसे हासिल कर ही लेते हैं। 


3.कैरियल में सफलता

ऐसे लोग जिनके दांतों के बीच में गैप होता है यह लोग अपने कैरियर में बहुत आगे तक जाते हैैं। मान्यताओं के अनुसार दांतों के बीच में गैप होना इस बात को दर्शाता है कि आपका भविष्य उज्जवल है। 


4.इनकी होती है योग्यता से पहचान

कहा जाता है कि जिन भी लोगों के दांतों के बीच में काफी गैप होता है वो दिखने में तो सामान्य होते हैं,मगर इनकी प्रतिभा के बल पर इनकी ख्याति दूर-दूर तक मशहूर हो जाती है। क्योंकि यह लोग अपनी योग्यता और मेहनत के दम पर अपनी खास पहचान बना लेते हैं। 


5.खुले विचारों के लोग

जिन लोगों के दांतों के बीच में गैप होता है उन्हें बहुत खुले विचारों का माना जाता है। ऐसे लोग हमेशा लीक से हटकर ही कुछ करना पसंद करते हैं। अपनी बात को कुछ अलग तरीके से बोलना साथ ही उसे मनवा लेना इनकी यह खास खूबी होती है। 


6.बातूनी

सामुद्रिक शास्त्र के अंतर्गत ये भी कहा जाता है कि जिन लोगों के दांतों के बीच जगह होती है वे बहुत बातूनी होते हैं। वे बिना किसी विषय पर भी सुबह से लेकर शाम तक बोल सकते हैं।
Tags : Chhattisgarh,Punjab Kesari,जगदलपुर,Jagdalpur,Sanctuaries,Indravati National Park ,Shiva,Karthikeya,Goddess Parvami