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जानिए लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए कौन से अधिकार जानना है ज़रूरी?

श्रद्धा हत्याकांड से हम सभी वाक़िफ़ हैं जहाँ इस हत्याकांड के बाद लिव इन रिलेशनशिप को लेकर लोग कई तरह के सवाल कर रहे हैं और चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है आज हम आपको बताएंगे लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए वो , कौन सी ऐसी बातें हैं कौन से ऐसे अधिकार है जिन्हें जानना आपके लिए आवश्यक है
जानिए लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए कौन से अधिकार जानना है ज़रूरी?
लिव इन रिलेशनशिप यानी शादी किए बगैर किसी महिला और पुरुष के साथ रहने पर अक्सर बहस होती है।श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड केस के बाद कुछ लोग लिव इन रिलेशनशिप पर सवाल उठाने लगे हैं.लिव इन रिलेशनशिप में  धोखा देने पर क्या कार्यवाही होती है? ,क्या वैवाहिक होते हुए भी लिव इन  में रहा जा सकता है?,लिव इन में रहने वाली महिला क्या घरेलू हिंसा की शिकायत कर सकती है?,क्या हिंसक पार्टनर को सजा दिलायी जा सकती है?,लिव इन रिलेशनशिप में रहने से अगर संतान पैदा होती है तो क्या होगा?आइए इन सभी सवालों का जवाब आपको बताते हैं।
लिव इन रिलेशनशिप कब मान्य होता है?
रिलेशनशिप तब मान्य होता है जब लड़का और लड़की पति पत्नी की तरह एक साथ रह रहे हो इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन उनका लगातार साथ रहना ज़रूरी है। किसी भी ऐसे संबंधों को लिव इन नहीं माना जाएगा जिसमें लड़का या लड़की दोनों ही कभी साथ रहे और कभी अलग हो जाए।
क्या वैवाहिक होते हुए भी लिव इन  में रहा जा सकता है?
अगर कोई मर्द विवाहित है और वो किसी दूसरी महिला के साथ लिव इन में रहने लगता है तो ये उसका निजी मामला है। क्योंकि भारतीय संविधान और कानून हर किसी को अपनी मर्जी और आजादी से जिंदगी जीने का अधिकार देता है।इसलिए ये अपराध के दायरे में नहीं आता लेकिन अगर कोई आदमी अपनी पत्नी को तलाक दिए बिना किसी दूसरी  महिला से शादी कर लेता है तो फिर इस स्थिति में आपराधिक मामला बनता है। क्योंकि हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पत्नी के होते हुए दूसरी शादी करना अपराध है। 
लिव इन में रहने वाली महिला क्या घरेलू हिंसा की शिकायत कर सकती है?
कोर्ट ने यह भी साफ़ किया कि अगर लिव इन रिलेशनशिप के दौरान महिला के साथ किसी भी तरह की शारीरिक हिंसा होती है तो वो पुलिस से शिकायत कर सकती है।बहरहाल अगर आप भी लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं या रहने की सोच रहे हैं तो यह बेहद ज़रूरी है कि कपल के बीच में भरोसा होना चाहिए एक दूसरे के प्रति वफ़ादारी  होनी चाहिए बाक़ी रिश्तों की तरह सम्मान देना बेहद ज़रूरी है और ये बात न भूलें कि हिंसक पार्टनर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना ठीक नहीं है।
लिव इन रिलेशनशिप में रहने से अगर संतान पैदा होती है तो क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि लिव इन  में रहने के दौरान अगर कोई संतान पैदा होती है तो उसे अपने माता पिता की संपत्ति पर पूरा अधिकार मिलेगा और इससे कोई भी लिवइन  कपल बच नहीं सकता। इतना ही नहीं ये भी कोर्ट ने साफ़ किया कि लिव इन  रिलेशनशिप में अगर एक पार्टनर दूसरे पार्टनर से शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाता है और फिर शादी से मुकर जाता है तो इसे दंडात्मक अपराध माना जाएगा और एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को सज़ा भी दिला सकता है।
लिव इन रिलेशनशिप में लड़की किन किन चीज़ों की माँग कर सकती है?
कोर्ट द्वारा यह भी कहा गया कि लिव इन में रहने के लिए महिला को भरण पोषण का अधिकार है। यानी की लड़की लड़के से भरण पोषण की माँग करने के लिए पूरे तरीक़े से सही है। साथ ही लड़की अपने पार्टनर से आर्थिक सहायता की माँग भी कर सकती है।
लिव इन रिलेशनशिप पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दो बालिग लोग आपसी सहमति से एक दूसरे के साथ रह सकते हैं और ये कानून की नजर में अवैध नहीं है. कोर्ट ऐसे कपल को पारंपरिक शादी में रहने वाले जोड़ों की तरह ही देखता है, बशर्ते वो कोर्ट के तय किए गए नियमों के साथ लिव-इन में रह रहे हों।  
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