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Lakhimpur Kheri case: केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे समेत 13 आरोपियों को आरोपमुक्त करने की अर्जी खारिज

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया इलाके में किसान आंदोलन के दौरान पिछले साल हुई हिंसा के मामले में यहां की एक स्थानीय अदालत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' के पुत्र आशीष मिश्रा 'मोनू' समेत 13 आरोपियों की आरोपमुक्त करने का अनुरोध करने वाली अर्जी सोमवार को खारिज कर दी।
Lakhimpur Kheri case: केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे समेत 13 आरोपियों को आरोपमुक्त करने की अर्जी खारिज
लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया इलाके में किसान आंदोलन के दौरान पिछले साल हुई हिंसा के मामले में यहां की एक स्थानीय अदालत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' के पुत्र आशीष मिश्रा 'मोनू' समेत 13 आरोपियों की आरोपमुक्त करने का अनुरोध करने वाली अर्जी सोमवार को खारिज कर दी।जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि अपर जिला न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने यह निर्णय सुनाते हुए आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए छह दिसंबर की तारीख तय की है।इन सभी आरोपियों के खिलाफ तीन अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। 
तिकुनिया की हिंसा में आठ लोग मारे गए थे जिसमें चार किसानों के अलावा एक पत्रकार, भाजपा के दो कार्यकर्ता और एक ड्राइवर शामिल था।उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे थे। किसानों की तरफ से दर्ज कराई गयी प्राथमिकी में आशीष मिश्रा को ही मुख्‍य आरोपी बनाया गया है।अक्टूबर, 2021 में लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में केन्द्र के विवादित कृषि कानूनों के विरोध में किसान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र में दौरे का विरोध कर रहे थे।घटना के बाद ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से गुस्साए किसानों ने पीट-पीट कर मार डाला। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी।
इस बीच, तिकुनिया हिंसा में भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की हत्या से संबंधित एक अन्य प्राथमिकी में चार व्यक्तियों विचित्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, कमलजीत सिंह और गुरविंदर सिंह के खिलाफ अदालत में दाखिल किये आरोप पत्र में एडीजे- I की अदालत ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) राजेश कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि अदालत ने साक्ष्य सौंपने के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय की है।सिंह ने कहा कि विचित्र सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 109, 114, 504, 427, 436 के तहत आरोप तय किए गए, जबकि बाकी तीन आरोपियों गुरप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह और कमलजीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 147, 148, 149, 323, 325, 427, 436, 504 और 302 के तहत आरोप तय किए गए।
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