चर्चित हीरा हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद

बिहार में दरभंगा जिले की विशेष अदालत ने चर्चित हीरा हत्याकांड मामले में आज चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सह अनुसूचित जाति (एससी) अनुसूचित जनजाति (एसटी) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार मालवीय की अदालत ने हीरा पासवान की हत्या मामले में जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में परियारना थाना क्षेत्र के चित्रनाना निवासी कुख्यात सरदार सिंह उर्फ करतार सिंह तथा बिहार में समस्तीपुर जिले के रोसड़ थाना के ऐरौत मुसहरी गांव के रमन सिंह को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, एससी-एसटी अधिनियम में आजीवन कारावास तथा आर्म्स ऐक्ट की धारा 27 में तीन वर्ष तथा तीनों धाराओं में कुल पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सूनाई है। 

वहीं, इसी मामले के अभियुक्त छोटू झा और संजीव सिंह को भारतीय दंड विधान की धारा 302 में आजीवन कारावास, एससी-एसटी एक्ट में भी आजीवन कारावास तथा दोनो धाराओं में दस-दस हजार रुपये कुल बीस -बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सूनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर चारो दोषियों को दो-दो वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने पीड़त प्रतिकर योजना से मृतक की विधवा को सात लाख रुपये भूगतान करने का आदेश दरभंगा के जिलाधिकारी को दिया है। 

अपर लोक अभियोजक चमक लाल पंडित ने बताया कि छोटू झा ने फोन कर चक्का गांव के हीरा पासवान को जमीन क्रय-विक्रय में हिसाब कर बकाया राशि ले जाने के लिए बुलाया और उसकी हत्या करवा दी। इस मामले की प्राथमिकी मृतक के पिता ज्ञान चन्द, पासवान ने 14 जून 2016 को सदर थाने दर्ज कराई। अदातल ने इस मामले में 12 जुलाई 2019 को सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
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