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लखीमपुर खीरी में रो पड़ीं लखनऊ कमिश्नर रोशन जैकब, आंसू पोंछते हुए डॉक्टर से कहा- रेफर नहीं, इलाज करिए

अस्पताल के बिस्तर पर पेट के बल लेटे बच्चे और बगल में बैठी उसकी लाचार मां को बिलखता देख डिविजनल कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब रो पड़ीं। एडीएम को रोते देख डॉक्टर बच्चे को केजीएमयू रेफर करने लगे तो एडी
लखीमपुर खीरी में रो पड़ीं लखनऊ कमिश्नर रोशन जैकब, आंसू पोंछते हुए डॉक्टर से कहा- रेफर नहीं, इलाज करिए
अस्पताल के बिस्तर पर पेट के बल लेटे बच्चे और बगल में बैठी उसकी लाचार मां को बिलखता देख डिविजनल कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब रो पड़ीं। एडीएम को रोते देख डॉक्टर बच्चे को केजीएमयू रेफर करने लगे तो एडीएम रोशन जैकब ने उनसे कहा कि रेफर नहीं, बच्चे का अच्छे ढंग से इलाज कीजिए। साड़ी के पल्लू से आंसू पोछते हुए एडीएम रोशन जैकब ने अधिकारियों से कहा कि बच्चे का हर हाल में बेहतर इलाज होना चाहिए। बच्चे के सिर पर हाथ रखते हुए उन्होंने उससे कहा कि तुमको ठीक करेंगे। एडीएम डॉ. रोशन जैकब का ये भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 
पेट के बल लेटे बच्चे को देख तड़प उठीं एडीएम रोशन जेकब
दरअसल बुधवार को लखीमपुर में एक भयानक सड़क हादसा हो गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हादसे की सूचना पर कमिश्नर रोशन जैकब घायलों को देखने लखीमपुर पहुंची थी। वहां जिला अस्पताल में भर्ती घायलों के परिवार वालों से बात कर ही रही थीं कि एक व्यक्ति उनके पास आया और कहने लगा कि उनके मरीज का सही इलाज नहीं हो रहा। कमिश्नर उसके साथ वार्ड तक पहुंची जहां उन्हें एक 10 साल का बच्चा बेड पर औंधे मुंह पड़ा दिखाई दिया। दरअसल दो दिन पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के बाजपेई गांव में एक कच्ची दीवार ढह गई थी। इसमें तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इसी हादसे में कफील नाम का यह बच्चा भी जख्मी था। 
रेफर नहीं, सही ढ़ंग से इलाज करिए
हादसे के बाद से कफील ना तो पीठ के बल लेट सकता है और ना उठ कर बैठ सकता है। उसकी हालत देखकर कमिश्नर भी रो पड़ीं। कमिश्नर को सामने खड़ा देख डॉक्टर आनन-फानन में बच्चे को लखनऊ रेफर किए जाने की बात करने लगे। इस पर कमिश्नर उन्होंने डॉक्टरों को मानवता का पाठ पढ़ाते हुए इस बच्चे के इलाज में कोई लापरवाही न बरतने का आदेश दिया। आंसू पोंछते हुए रोशन जैकब ने अधिकारियों से कहा कि इनके तीन बच्चे खत्म हो गए हैं। दो बच्चे बचे हैं। इसका इलाज होना चाहिए चाहिए जहां से भी हो।
बच्चे के सिर पर हाथ रखकर कहा- तुमको ठीक करेंगे
एडीएम रोशन जैकब ने अधिकारियों से कहा कि एक आदमी साथ में भेजिए, जांच करवाइये और जहां इलाज होगा वहां बच्चे को भर्ती करवाइये। उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी इस काम की जिम्मेदारी ले। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, ये इतना खर्च नहीं उठा सकते। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलाज के लिए रेडक्रॉस से संपर्क कीजिए और वहां से इनको मदद दिलवाइये। पेट के बल बिस्तर पर लेटे बच्चे के सिर पर हाथ रखते हुए उन्होंने बच्चे से कहा कि तुमको ठीक करेंगे।

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