भोपाल में CM आवास की तरफ बढ़े किसान, मुख्यमंत्री का आया बयान, बोले- 'हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है'
मध्य प्रदेश में किसानों का प्रदर्शन उग्र हो गया है। मूंग की 100% खरीदी की मांग को लेकर किसान भोपाल की सड़कों पर जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 19 किसान संगठनों पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़कर वीर सावरकर सेतु को पार कर लिया है। प्रदर्शनकारी किसान बस पर चढ़ गए हैं और अब वह सीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव का इसको लेकर पहला बयान आया है। वह आज शाम 6 बजे किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं।
किसानों का उग्र प्रदर्शन
ANI द्वारा जारी किए गए वीडियो में आप देख सकते है कि किसान बैरिकेडिंग को तोड़कर बस की छतों पर चढ़ गए हैं और जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस भी भीड़ को काबू नहीं कर पाई।
#WATCH भोपाल, मध्य प्रदेश: नर्मदापुरम में मूंग की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100% खरीद और इससे जुड़े अन्य मुद्दों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई।
प्रदर्शनकारी किसान एक बस पर चढ़ गए और बैरिकेड्स तोड़ दिए। pic.twitter.com/VD2S03ceNe
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2026
समस्या का समाधान संवाद से निकालते हैं- मुख्यमंत्री मोहन यादव
किसानों के प्रदर्शन की वजह से शहर में ट्राफिक जाम की समस्या हो रही है, जिस वजह से वहां के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि "हमारी सरकार सदैव किसानों के साथ खड़ी है। हम सकारात्मक सुझावों के साथ समस्या का समाधान संवाद से निकालते हैं, जनता को कष्ट न हो इसकी चिंता दोनों पक्षों को करना चाहिए। हमारी सरकार ने कमेटी गठित की है, जो किसान भाइयों से सतत संवाद कर रही है।"
हमारी सरकार किसानों के साथ सदैव खड़ी है, हम सकारात्मक सुझावों के साथ समस्या का समाधान संवाद से निकालते हैं, जनता को कष्ट न हो इसकी चिंता दोनों पक्षों को करना चाहिए।
हमारी सरकार ने कमेटी गठित की है, जो किसान भाइयों से सतत संवाद कर रही है। pic.twitter.com/5k2QDQEsZJ
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 29, 2026
क्या हैं किसानों की मांगे?
- कम बारिश में पर्याप्त बिजाली मिले।
- भावांतर योजना खत्म हो।
- मूंग की पूरी सरकारी खरीदी हो।
- खाद वितरण में ई-टोकन की व्यवस्था खत्म हो।

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