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भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म, सरकार ने मानी बड़ी मांगें, जानें क्या-क्या बनी सहमति

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद कई मुख्य मांगों पर सहमति बनी।
11:45 AM Jul 30, 2026 IST | Bhawana Rawat
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद कई मुख्य मांगों पर सहमति बनी।
भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म  सरकार ने मानी बड़ी मांगें  जानें क्या क्या बनी सहमति
Bhopal Farmers Protest Ended

मध्य प्रदेश के भोपाल में चल रहा किसान आंदोलन खत्म हो गया है। किसानों और सरकार के बीच हुई बातचीत बाद कई मुख्य मांगों को पूरा करने का वादा किया गया है। इसके बाद हजारों किसान अपने गांवों की तरफ वापस लौट गए हैं। यह आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में 19 संगठनों के करीब 2,000 किसानों ने किया था। किसान नर्मदापुरम से भोपाल तक पैदल मार्च निकालकर पहुंचे। अपने साथ एक हफ्ते का राशन, बिस्तर और बर्तन लेकर आए ये किसान अपनी मांग पर अड़े थे कि सरकार मूंग की पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), यानी 8,768 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे।

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किस बात पर बनी सहमति?

मध्य प्रदेश सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा गठित मंत्रियों के समूह के साथ किसानों की बुधवार देर रात बैठक हुई। लंबी चर्चा के बाद, सरकार ने किसानों से मूंग की खरीद सीमा 25% से बढ़ाकर 60% (MSP पर) करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, किसानों की मांग पर खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लग दी है।

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मूंग खरीद सीमा 25% से बढ़कर 60% हुई

मध्य प्रदेश के मंत्री कंसाना ने किसानों के साथ हुई बैठक के बाद बड़े फैसलों की जानकारी दी। अब किसान से उनकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपज खरीदी जाएगी। जो नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ है, तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इसके अलावा, किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त और उपार्जन (खरीदी) की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है।

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CM आवास का घेराव करने वाले थे किसान

बुधवार, 29 जुलाई को नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 19 किसान संगठनों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़कर वीर सावरकर सेतु को पार कर लिया था। प्रदर्शनकारी किसान बस पर चढ़ गए हैं और वह सीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश में थे। किसानों ने ऐलान किया था कि अगर उनकी मांग नहीं सुनी गई और सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई, तो वह मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के साथ बातचीत को लेकर सहमति बन गई थी। इसके बाद किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत हुई और प्रदर्शन खत्म हो गया।

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Bhawana Rawat

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भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।

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