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Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti: महाकाल मंदिर की 'भोग आरती' में कैसे शामिल हों? जानें आरती की पूरी समय-सारणी और उज्जैन दर्शन की लिस्ट

04:26 PM Jun 15, 2026 IST | Khushi Srivastava
mahakaleshwar temple bhog aarti  महाकाल मंदिर की  भोग आरती  में कैसे शामिल हों  जानें आरती की पूरी समय सारणी और उज्जैन दर्शन की लिस्ट
Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti (AI Generated)
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकाल मंदिर पूरी दुनिया में बहुत मशहूर है। यह मंदिर सदियों पुराना है और भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मंदिर के दक्षिण हिस्से में भगवान नंदी की मूर्ति है और मुख्य गर्भगृह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति विराजमान है। महाशिवरात्रि के त्योहार पर यहां बहुत बड़ा मेला लगता है और रात के समय भगवान शिव और माता पार्वती की खास पूजा की जाती है। वैसे तो यहां पर 5 प्रकार की मुख्य आरती की जाती है। लेकिन क्या आप यहां की भोग आरती के बारे में जानते हैं? जी हां, हर रोज सुबह महाकाल की भोग आरती की जाती है। Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti में जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।

Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti: महाकाल भोग आरती का समय

Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti
Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti (Source: Social Media)
महाकाल मंदिर में हर रोज सुबह 10:00 बजे से लेकर 11:15 बजे तक भोग आरती' की जाती है। भोग आरती के दौरान भगवान शिव को प्रसाद चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि शिव-पार्वती की पूजा और आरती करने से घर में कभी भी अनाज और धन-दौलत की कमी नहीं होती, और जीवन में खुशियां आती हैं।

Mahakaleshwar Temple Aarti Timings: महाकालेश्वर आरती का समय

Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti
Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti (Source: Social Media)
भस्म आरती: सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे तक
दद्योदक आरती (बाल भोग): सुबह 7:30 बजे से 8:15 बजे तक
भोग आरती: सुबह 10:00 बजे से 11:15 बजे तक
संध्या आरती: शाम 6:30 बजे से 7:15 बजे तक
शयन आरतीरात्रि: 10:30 बजे से 11:00 बजे तक

Ujjain Religious Places to Visit: उज्जैन के धार्मिक स्थल

Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti
Mahakaleshwar Temple Bhog Aarti (Source: Social Media)
क्षिप्रा नदी के पावन तट पर बसा उज्जैन मध्य प्रदेश का एक पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। सिर्फ महाकालेश्वर मंदिर ही नहीं यहां की दूसरी धार्मिक जगहें भी काफी प्रसिद्ध हैं। अगर आप भी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों पर भी जरूर जाएं।
  1. श्री हरसिद्धि मंदिर: 51 शक्तिपीठों में से एक, यह पावन धाम सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी को समर्पित है। मराठा वास्तुकला से प्रेरित इस मंदिर के प्रांगण में बने दो विशाल दीपस्तंभ शाम के समय दीपों से जगमगा उठते हैं, जो देखने लायक होते हैं।
  2. श्री काल भैरव मंदिर: यह चमत्कारी और प्राचीन मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान काल भैरव को मुख्य प्रसाद के रूप में मदिरा चढ़ाई जाती है, जिसे देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है।
  3. सांदीपनि आश्रम: द्वापर युग का यह ऐतिहासिक स्थान वह पाठशाला है जहाँ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण, उनके भाई बलराम और मित्र सुदामा ने महर्षि सांदीपनि से शिक्षा और 64 कलाएं सीखी थीं। आश्रम परिसर में स्थित 'गोमती कुंड' भी विशेष पूजनीय है।
  4. श्री चिंतामन गणेश मंदिर: क्षिप्रा नदी के समीप स्थित यह उज्जैन का सबसे प्राचीन और बड़ा गणेश मंदिर है। यहां स्थापित विघ्नहर्ता की मूर्ति स्वयं प्रकट है, और माना जाता है कि यहां आने से भक्तों की सभी चिंताएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।
  5. मंगलनाथ मंदिर: खगोल विज्ञान और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान को मंगल ग्रह की जन्मस्थली माना जाता है। कुंडली के मंगल दोष निवारण के लिए यहाँ की जाने वाली विशेष 'भात पूजा' देशभर में प्रसिद्ध है।
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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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