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'सास व पति करते थे क्रूरता', हाई कोर्ट में CBI ने ट्विशा शर्मा मामले में कहा, 'रद्द हो गिरिबाला सिंह की जमानत'

06:44 PM May 27, 2026 IST | Rohit Singh
 सास व पति करते थे क्रूरता   हाई कोर्ट में cbi ने ट्विशा शर्मा मामले में कहा   रद्द हो गिरिबाला सिंह की जमानत
Twisha Sharma Case Update

Twisha Sharma Case Update : ट्विशा मामले में बड़ी अपडेट आई है. मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान एक्टर व मॉडल ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले जख्म के निशान उनकी मौत से पहले के थे और पहले हुई किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान लगे हो सकते हैं. साथ ही सरकार ने मृतका की सास गिरिबाला सिंह व पति समर्थ सिंह पर भी यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने ट्विशा के साथ क्रूरता की थी.

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बुधवार को राज्य सरकार ने यह आरोप गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने से जुड़ी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान लगाए गए. इसके साथ ही राज्य सरकार ने गिरिबाला सिंह पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया. सुनवाई के दौरान CBI ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे आरोपी सास गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है, ऐसे में उनकी जमानत रद्द होनी चाहिए.

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चोट के निशान

जानकारी के अनुसार आज हाई कोर्ट में राज्य सरकार के वकील ने बहस के दौरान ट्विशा की कलाई, कोहनी और सिर पर लगी चोटों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कथित तौर पर ट्विशा शर्मा को दहेज को लेकर ताने मारे जाते थे और उनसे कहा जाता था कि परिवार ने शादी में जो रकम खर्च की थी, वह काफी नहीं थी.

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कोर्ट ने चोटों को लेकर जब जब पूछा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर जिन चोटों का जिक्र किया गया है, क्या वो उसकी मौत से पहले की थीं, तो राज्य सरकार ने बताया कि हां ये चोटें मौत से पहले की थीं.

'किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान ही लगी थीं चोटें'

इसके साथ ही इन चोटों के शव को फंदे से उतारते समय लगने के अनुमान को रिपोर्ट में खारिज कर दिया गया. सरकार ने बताया कि ये चोटें उस समय नहीं लगी थीं, जब मौत के बाद ट्विशा के शव को नीचे उतारा जा रहा था. राज्य सरकार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के नतीजों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ये चोटें ट्विशा की मौत से पहले हुई किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान लगी हो सकती हैं.

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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