+

महाराष्ट्र ने केंद्र से मांगी निर्यात न किए गए ‘रेमडेसिविर’ इंजेक्शनों के इस्तेमाल की अनुमति

महाराष्ट्र ने केंद्र से प्रतिबंध के बाद विदेशों को न भेजे गए ‘रेमडेसिविर’ इंजेक्शनों के भंडार को घरेलू बाजार में वितरित करने की अनुमति मांगी है।
महाराष्ट्र ने केंद्र से मांगी निर्यात न किए गए ‘रेमडेसिविर’ इंजेक्शनों के इस्तेमाल की अनुमति
देश में कोरोना वायरस की चौथी लहर से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र प्रभावित राज्यों में पहले स्थान पर बना हुआ है। राज्य में रिकॉर्ड तोड़ मामले दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र ने केंद्र से प्रतिबंध के बाद विदेशों को न भेजे गए ‘रेमडेसिविर’ इंजेक्शनों के भंडार को घरेलू बाजार में वितरित करने की अनुमति मांगी है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने केंद्र से अनुरोध किया है कि ‘रेमडेसिविर’ के जिस भंडार का निर्यात किया जाना था, उसे घरेलू बाजार में वितरित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे दवा की मांग और आपूर्ति के बीच अंतराल को भरा जा सकेगा।’’  

मुंबई में बढ़ रहे है कोरोना केस, जसलोक हॉस्पिटल को कोरोना अस्पताल बनाया गया

मंत्री ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 के रोगियों के उपचार में लगे सभी डॉक्टरों से विवेकपूर्ण ढंग से ‘रेमडेसिविर’ का इस्तेमाल करने को कहा है। कोविड-19 के मामलों में अचानक वृद्धि के चलते भारत ने ‘रेमडेसिविर’ इंजेक्शनों के निर्यात पर रविवार को प्रतिबंध लगा दिया था और कहा था कि देश में स्थिति सुधरने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। 
‘रेमडेसिविर’ कोविड-19 के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए अन्वेषणात्मक पद्धति के रूप में सूचीबद्ध है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की यदि कमी हो जाती है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कोरोना को हराने के लिए यही एकमात्र उपाय नहीं है।
facebook twitter instagram