साल 2014 में मराठा आरक्षण के तहत आवेदन करने वाले को भी लाभ प्रदान करेगी महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षा और नौकरियों में 2014 में मराठा आरक्षण के तहत आवेदन करने वालों को भी इसका लाभ देने का फैसला किया है। सरकार ने कहा कि वह मराठा आरक्षण की उस प्रक्रिया को पूरी करेगी जो 2014 में उच्च न्यायालय की रोक के बाद अधूरी रह गई थी। 

कुछ महीने बाद प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा नीत सरकार का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीत सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) में बृहस्पतिवार को कहा गया कि नौ जुलाई 2014 से 14 नवंबर 2014 के बीच आरक्षण के लिए आवेदन करने वालों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। 

बंबई उच्च न्यायालय ने 27 जून को फैसला सुनाया था कि राज्य सरकार द्वारा इस समुदाय को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग में शामिल करके आरक्षण देना वैध है। अदालती आदेश के आधार पर, सरकारी नौकरियों की भर्ती में 13 प्रतिशत पद और शैक्षणिक संस्थानों की कुल 12 प्रतिशत सीटें इस समुदाय के लिए आरक्षित की गई हैं। 

जीआर में कहा गया कि मराठाओं को 16 प्रतिशत आरक्षण देने वाला अध्यादेश सबसे पहले पिछली कांग्रेस-राकांपा सरकार द्वारा नौ जुलाई 2014 को लागू किया गया था।लेकिन 14 नवंबर 2014 को अदालत ने इस पर रोक लगा दी थी। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद, फडणवीस सरकार इस संबंध में कानून लाई। लेकिन उच्च न्यायालय ने सात अप्रैल 2015 को भर्ती प्रक्रिया पर फिर से रोक लगा दी थी।
 
मराठा समुदाय के सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन को स्थापित करने के लिए नया सर्वेक्षण कराने के बाद, सरकार ने नवंबर 2018 में नये कानून को मंजूरी दी जिसे उच्च न्यायालय ने वैध घेाषित किया। 
Download our app