बेटी की शादी से एक दिन पहले गहनों का बैग ऑटो में छोड़ आयी मां, फिर हो गया कुछ ऐसा

कभी न कभी आपसे भी जरूर ऐसी गलती हुई होगी कि आप अपना कुछ कीमती सामान ऑटो रिक्शा में ही भूल गए हों। ऐसे में फिर हालात हाल से बेहाल हो जाती है। दिमाग में केवल एक ही बात घूम रही होती है कि अब तो हमारा सामान गया। अब जरा सोचिए कि यदि कोई इंसान लाखों रुपए के गहने किसी ऑटो में गलती से भूल जाए तो उसकी क्या दुर्दशा होगी। हाल ही में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहर उल्हासनगर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पर एक मां अपनी बेटी की शादी के एक दिन पहले उसके लिए खरीदे गए 2 लाख के गहने ऑटो में ही भूल कर घर आ गई।

क्या है पूरा मामला

संगीता शेट्टी नाम की एक महिला अपनी बेटी की शादी से एक दिन पहले ही जरूरी सामान खरीदने शीरू चौक गई थीं। मार्केट से वापस आते हुए उनके पास बेटी की शादी के लिए 2 लाख के गहनों से भरा हुआ बैग था जिसे वो ऑटो में ही भूल कर आ गई। घर पर पहुंचकर जब महिला को पता चला की वो गहनों वाला बैग उनके पास नहीं है तो वह तुंरत ही शीरु चौक भाग गई। इसके बाद उन्होंने नेहरू चौक की ट्रैफिक पुलिस से सहायता ली। क्योंकि ये वो ही जगह थी जिस जगह से महिला ने घर तक के लिए ऑटो लिया था।

फौरान एक्शन लिया पुलिस ने

संगीता शेट्टी ने जैसे ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई तभी ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल जीतेंद्र चव्हाण और इंस्पेक्टर आरएस पवार ने बिना समय गवाएं एक्शन ले लिया। उन्होंने नेहरू चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरा की मदद से उस समय वहां से गुजर रहे सभी ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर लिए और एक ऐप की सहायता से उनके पता निकाले। इसके बाद सभी ऑटो वालों को ऑटो यूनियन ने फोन करके नेहरू चौक बुलाया।

आखिरकार मिल गया खोया हुआ बैग वापस

इन सभी ऑटो वालों में से एक थे प्रदीप शिर्षत। महिला इन्हीं के ऑटो में बैठकर अपने घर वापस लौट रही थी। जब पुलिस ने प्रदीप से पूछपाछ करी तो उन्होंने बताया कि उन्हें मालूम नहीं था कि उनके ऑटो में कोई बैग छूटा है।

वहीं ट्रैफिक पुलिस की सहायता से संगीता को अपना गहनों वाला बैग सही सलामत वापस मिल गया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि वो उनकी मदद के लिए हमेशा उनकी आभारी रहेंगी।

ये है भारत का सबसे खतरनाक किला, सूरज ढलने के बाद मंडराने लगता है यहां पर मौत का साया

Download our app