+

बलिया मामले का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अब भी फरार, रखा गया 25 हजार का इनाम

एसपी ने 15 अक्टूबर को रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुई घटना के संबंध में फरार आरोपियों पर इनाम राशि घोषित की है।
बलिया मामले का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अब भी फरार, रखा गया 25 हजार का इनाम
उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के रेवती कांड के मुख्‍य आरोपित भाजपा नेता के भाई समेत दो को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पांच अन्‍य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू समेत 6 वांछित आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एसपी ने 15 अक्टूबर को रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुई घटना के संबंध में फरार आरोपियों पर इनाम राशि घोषित की है। इस बीच, मुख्‍य आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी देवेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
इसके पूर्व पुलिस ने मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह डब्ल्यू के भाई नरेन्द्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया था। इस तरह पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
अपर पुलिस महानिदेशक (वाराणसी) ब्रज भूषण ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी नरेंद्र प्रताप को गिरफ्तार कर लिया है। नरेन्द्र प्रताप रेवती कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह डब्ल्यू का बड़ा भाई है। जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में बृहस्पतिवार को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के चयन के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के मामले में तीन उप निरीक्षक सहित नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने बताया कि आरोपियों के असलहा लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। वहीं, रेवती कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं को निर्दोष करार देते हुए दावा किया है कि बृहस्पतिवार की घटना में उसके परिवार के एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है तथा आधा दर्जन लोग घायल हैं। धीरेंद्र ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शुक्रवार को जारी वीडियो में स्वयं को पूर्व सैनिक संगठन का अध्यक्ष करार दिया है।
उसने घटना को पूर्व नियोजित करार देते हुए कहा कि उसने आवंटन के लिये बैठक शुरू होते ही उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक व अन्य अधिकारियों से बवाल होने की संभावना जताई थी लेकिन अधिकारियों ने उसकी बात पर कोई ध्यान नही दिया। धीरेंद्र ने कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी में उसके 80 वर्षीय वृद्ध पिता व भाभी पर हमला किया गया। हमलावर लाठी डंडे व अवैध असलहा से लैस थे।
उसने दावा किया कि इस घटना में उसके परिवार के एक व्यक्ति की मौत हो गई है तथा एक व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना में उसके पक्ष के 8 से अधिक लोग घायल हुए हैं। धीरेंद्र ने कहा है कि उसे जानकारी नहीं है कि जयप्रकाश पाल गामा की मौत किसकी गोली लगने से हुई है? साथ ही प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। धीरेंद्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सही जांच व न्याय की मांग की है।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में दर्दनाक सड़क हादसा, 7 लोगों की मौत और 31 घायल 

facebook twitter instagram