अंधाधुंध फायरिंग, आगजनी और बेकाबू हालात, मणिपुर हिंसा में विदेशी ताकत का हाथ? कहां से आए घातक हथियार
Manipur Violence Foreign Funding: मणिपुर वर्ष 2023 से हिंसा की आग में जल रहा है दोनों समुदाय कुकी और नागा के बीच खूनी जंग देखने को मिली थी जिसमें लगभग 250 लोगों की जान चली गई थी और हजारों की संख्या में लोग बेघर हो गए थे जिसके चलते मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है लेकिन अब माना जा रहा था कि हालात फिर पटरी पर लौट आएंगे और नई सरकार का गठन करने के बाद राष्ट्रपति शासन हो हटा दिया गया था।
Manipur Violence 2026

अब एक बार फिर मणिपुर में हालात बेकाबू हो गए है और इस समय लिटान गांव में हिंसा की आग जल रही है जो कभी हिंसा से दूर रहता था। यहां कई घरों को फूंक दिया गया है और ताबड़तोड़ गोलीबारी, आगजनी के साथ ही छापेमारी भी जारी है। इस दौरान मणिपुर को हिंसा की आग में जलाने के लिए विदेशी ताकत का हाथ है या नहीं यह अटकलें जोर पकड़ रही है।
Manipur Violence Foreign Funding

वर्ष 2023 से जारी हिंसा पर राष्ट्रपति शासन के दौरान शांती रही थी और उस समय पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम नरवणे ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा था कि मणिपुर की ऐसी हालात में विदेशी ताकतों से मना नहीं किया जा सकता है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी सही नहीं है। इस बड़े बयान के साथ ही उन्होंने कहा था कि विद्रोहियों को चीन से कई सालों से मदद मिल रही है। इतना ही नहीं रिपोर्ट के दावों के अनुसार चीन और पाकिस्तान ने हिंसा भड़काने का काम किया था और धन- हथियारों की खेप भी भेजी थी।
Manipur Violence Reason

आरोप लगता आया है कि म्यांमार की सीमा और नेपाल के रास्ते लड़ाकों को भेजा जा रहा है साथ ही हथियार, गोला बारूद की खेप भी भेजी जाती थी। बताया जाता है कि चीन और पाकिस्तान दोनों देशों ने नेपाल में गुप्त क्षेत्र का प्रयोग करते आते है जिसका इस्तेमाल घुसपैठ के लिए किया जाता है। ताजा मणिपुर हिंसा में भी छापेमारी के दौरान एक 303 राइफल, एक मैगज़ीन, दो 12-बोर सिंगल-बैरल बंदूकें, चार 9 मिमी पिस्तौलें और 36 हथगोले बरामद किए थे जिससे इन हथियारों की खेप कहां से मिल रही है यह सवाल तूल पकड़ता जा रहा है।
Manipur Violence Latest Updates

मणिपुर में कुकी और मैतई समुदाय के बीच जातीय हिंसा फैली हुई है। बता दें कि बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग की गई थी और उसके विरोध में कुकी समुदाय ने प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही जमीन विवाद, अवैध अप्रवासी और राजनीतिक वर्चस्व के चलते वर्ष 2023 से हिंसा शुरू हो गई थी। अब नई सरकार के गठन के बाद भी उग्रवादियों ने रात भर में कई घरों में आग लगा दी। बिगड़ते हालात को देखते हुए मणिपुर की नई सरकार ने 5 दिनों तक इंटरनेट बंद कर दिया है जिससे किसी भी अफवाह को रोका जा सकता है।
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