'5 सालों तक मेरे काम में रुकावटें डाली गई, अरूप बिस्वास ने मुझे...', TMC से अलग होते ही मनोज तिवारी ने खोली ममता सरकार की पोल
Manoj Tiwary Allegations on TMC: भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल में खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री रह चुके मनोज तिवारी ने हाल में एक वीडियो साझा कर बंगाल की पूर्व TMC सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खेल दुनिया को छोड़ कर फरवरी 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) जॉइन की थी और उसी साल विधानसभा चुनाव जीतकर शिबपुर सीट से विधायक बने थे। वहीं 5 मई 2026 को, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पार्टी से अलग होने के बाद कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें चुनाव में टिकट इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि उन्होंने कथित रूप से 5 करोड़ रुपये देने से मना कर दिया था। उन्होंने साफ कहा कि अब टीएमसी के साथ उनका कोई संबंध नहीं है और उनके लिए यह अध्याय पूरी तरह खत्म हो चुका है।
Manoj Tiwary Allegations on TMC: वीडियो के जरिए लगाए गंभीर आरोप
इस बीच अब उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कई गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उनके काम में लगातार रुकावटें डाली गईं और उन्हें सही तरीके से काम करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने उन्हें काम करने से रोका। उनका कहना है कि वे खेल जगत से आते हैं और खेलों के विकास के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे, लेकिन उन्हें विभाग में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई।
#WATCH | Former West Bengal Sports Minister Manoj Tiwary says, "In this video, I want to explain how my work has been hindered over the past five years. I want to share this. Arup Biswas (TMC leader and former minister) prevented me from working. I come from the sports world and… pic.twitter.com/isM4CMyRe1
— ANI (@ANI) May 6, 2026
डूरंड कप और मेस्सी कार्यक्रम का जिक्र
उन्होंने कहा कि खेल विभाग में उनका काम सिर्फ औपचारिक रह गया था, जहां उन्हें चाय-बिस्किट तक सीमित कर दिया गया। किसी भी कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता था, जिससे उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने बताया कि डूरंड कप के दौरान वे मैदान पर मौजूद थे, लेकिन फिर भी उन्हें आधिकारिक तौर पर नहीं बुलाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अरूप बिस्वास उनकी लोकप्रियता से असहज थे।मेस्सी के कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही अंदेशा था कि कुछ गड़बड़ हो सकती है। उनका दावा है कि खराब प्रबंधन के कारण मेस्सी कार्यक्रम से कुछ ही मिनटों में लौट गए, जिससे खेल प्रेमियों को निराशा हुई।
लगातार अपमान का आरोप
उन्होंने कहा कि बार-बार अपमानित किए जाने की वजह से वे मानसिक रूप से परेशान थे। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में उन्होंने खेल विभाग में कई मुश्किलें झेली हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार संकीर्ण सोच वाली थी और केवल अपने हितों के लिए काम करती थी, न कि जनता के लिए। उनका कहना है कि शिवपुर के विकास के लिए वे लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात का अनुभव
उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा उठाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें बोलने का पूरा मौका भी नहीं दिया। अंत में उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्हें एहसास हो गया था कि यह सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि यह झूठे वादों पर आधारित थी।
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