मायावती ने प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को कहा जिम्मेदार, राहुल के वीडियो को बताया नाटक

02:38 PM May 23, 2020 | Anjali Wala
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रवासी श्रमिकों से पिछले दिनों हुई मुलाकात पर एक डॉक्यूमेंट्री शनिवार को जारी की। राहुल द्वारा जारी इस वीडियो पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने निशाना साधा।  उन्होंने इस वीडियो को नाटक बताए हुए कहा कि प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के लिए भी पहले की कांग्रेस सरकार ही जिम्मेदार है। 
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ''आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लंबे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गांव/शहरों में की गई होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ता?"
उन्होंने कहा कि "वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लाॅकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने सम्बंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।"
उन्होंने आगे कहा कि "साथ ही, बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकारें कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर, इन बेहाल घर वापसी कर रहे मजदूरों को उनके गांवों/शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर यदि अमल करती हैं तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी।"

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उन्होंने कहा कि "बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गांवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है, ऐसे लोगों को अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।"
गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण ट्रेन और बसों के बंद होने के बाद प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने-अपने घरों को निकल पड़े थे। विभिन्न जगहों पर हुए हादसों में कई मजदूरों की मौत भी हो गई। इस डॉक्यूमेंट्री में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों और मजदूरों को न्याय दिया जाए और देश के आर्थिक रूप से कमजोर 13 करोड़ परिवारों में से प्रत्येक को 7500 रुपये की मदद दी जाए।
राहुल गांधी ने गत 16 मई को दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने फुटपाथ पर मजदूरों के साथ बैठकर बात की थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले इन मजदूरों का दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने का इंतजाम करवाया था। ये मजदूर हरियाणा के अंबाला से पैदल चलकर अपने गांव जा रहे थे।

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