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जब मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों से न्यायपालिका ही ‘पल्ला झाड़ ले’ तो इंसान कहां जाए : मुफ्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जब मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों में न्यायपालिका भी ‘‘अपना पल्ला झाड़ ले’’ क्योंकि न्याय पाने का यहीं एक अंतिम रास्ता होता है।
जब मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों से न्यायपालिका ही ‘पल्ला झाड़ ले’ तो इंसान कहां जाए : मुफ्ती
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जब मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों में न्यायपालिका भी ‘‘अपना पल्ला झाड़ ले’’ क्योंकि न्याय पाने का यहीं एक अंतिम रास्ता होता है। 
महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘भाजपा के शासन में, भारतीय संविधान को कमतर किया जा रहा है। केवल न्यायपालिका का सहारा और विकल्प बचा है। एक बार जब वे भी मौलिक अधिकारों से जुड़े उन मामलों से अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, तो एक व्यक्ति कहां जायेगा?’’ 
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने मुफ्ती की उस याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया था जिसमें पासपोर्ट प्राधिकरण को उनके पक्ष में पासपोर्ट जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद मुफ्ती का यह बयान सामने आया है। 
इस बीच एक अन्य ट्वीट में पीडीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सेना ने उनके रिश्तेदार और पार्टी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी के आवास पर छापेमारी की। 
मदनी पिछले साल दिसम्बर से ही हिरासत में हैं। मुफ्ती ने कहा, ‘‘आरआर शिविर देवसर से सेना ने पीडीपी के नेता सरताज मदनी के घर पर छापा मारा। इन जवानों ने लड़कों की पिटाई की। यह शर्मनाक है कि उन्होंने सभी नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन किया।’’  
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