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अमित शाह के बयान पर महबूबा का सवाल, क्या गठबंधन में चुनाव लड़ना राष्ट्रविरोधी हो गया?

महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि "खुद को मसीहा और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को देश का दुश्मन की तरह पेशकर भारत को बांटने के बीजेपी के हथकंडा का अनुमान लगाया जा सकता है।"
अमित शाह के बयान पर महबूबा का सवाल, क्या गठबंधन में चुनाव लड़ना राष्ट्रविरोधी हो गया?
अमित शाह द्वारा गुपकर गठबंधन को 'गुपकर गैंग' बताए जाने के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्रीय गृहमंत्री पर पलवार किया है। उन्होंने शाह के इस बयान को देश में बढ़ रही बेरोजगारी और महंगाई से लोगों को ध्यान भटकने वाला बताया है। महबूबा ने कहा कि ‘‘खुद को मसीहा और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को देश का दुश्मन की तरह पेशकर भारत को बांटने के बीजेपी के हथकंडा का अनुमान लगाया जा सकता है।’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई (जैसे मुद्दों) के स्थान पर लव जेहाद, टुकड़े-टुकड़े और अब गुपकर गैंग राजनीतिक विमर्श में हावी हो गया है।’’ पीडीपी प्रमुख ने सवाल किया कि क्या गठबंधन में चुनाव लड़ना भी अब राष्ट्रविरोधी हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता की अपनी भूख में बीजेपी कई गठबंधन कर सकती है लेकिन एकजुट मंच बनाकर हम किस तरह राष्ट्रीय हितों को कमजोर कर रहे हैं।’’ 

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पुरानी आदतों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता। पहले भाजपा ने यह विमर्श चलाया कि टुकड़े टुकड़े गैंग ने भारत की संप्रभुता को धमकी दी है और अब वे ‘गुपकर गैंग’ आक्षेप से हमें राष्ट्रविरोधी साबित करना चाहते हैं। विडंबना है कि बीजेपी खुद सरेआम संविधान का उल्लंघन करती है।’’ 
अमित शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट कर जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों को ‘गुपकर गैंग’ बताया है। इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने पलटवार किया है। शाह ने यह भी कहा कि यह देश के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ ‘‘नापाक वैश्विक गठबंधन’’ है और सवाल किया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी क्या गुपकर गठबंधन घोषणापत्र (पीएजीडी) का समर्थन करते हैं। अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर पिछले दिनों पीएजीडी का गठन किया गया। 
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