3300 करोड़ रुपये कीमत के स्वदेशी सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए रक्षा मंत्रालय ने दी मंज़ूरी

10:42 PM Oct 21, 2019 | Purushottam Singh
नयी दिल्ली : रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के लिए 3300 करोड़ रुपये से अधिक के सैन्य उपकरणों की खरीद की मंजूरी दे दी जिनमें स्वदेशी डिजाइन और विकसित टैंक रोधी निर्देशित मिसाइलें भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की एक बैठक में किया गया। 

पहली दो परियोजनाओं में तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) और टी-72 और टी-90 युद्धक टैंकों के लिए आक्जलरी पावर यूनिट (एपीयू) की खरीद शामिल है। 

मंत्रालय ने कहा, ‘‘जहां तीसरी पीढ़ी की एटीजीएम बख़्तरबंद लड़ाई में सैनिकों को ‘दागो और भूल जाओ' और ‘शीर्ष हमले’ की क्षमता प्रदान करेगी, एपीयू ‘फायर कंट्रोल सिस्टम’ में विभिन्न उन्नयनों और टैंकों में रात में लड़ने की क्षमता जोड़ने में सक्षम बनाएगी।’’ 

इसमें कहा गया है कि इन दोनों परियोजनाओं को ‘मेक-दो’ श्रेणी के तहत क्रियान्वित किया जाएगा और यह निजी क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इससे, रक्षा मंत्रालय ने पहली बार भारतीय निजी उद्योग को ‘कॉप्लेक्स’ सैन्य उपकरणों को डिजाइन, विकसित और निर्मित करने की पेशकश की है।’’ 

तीसरी स्वदेशी परियोजना पर्वतीय और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलग इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) प्रणालियों की खरीद से संबंधित है। प्रणाली को डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित किया जाएगा और इसका निर्माण भारतीय उद्योग के डिजाइन सह उत्पादन साझेदार द्वारा किया जाएगा। 

Related Stories: