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मिजोरम ने त्रिपुरा के पास स्थित फुलडुंगसेई जम्पुई और जोमुआंतलांग गांव में लागू निषेधाज्ञा आदेश को निरस्त किया

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने बताया कि त्रिपुरा सरकार ने भी मिजोरम द्वारा लिए गए इस आदेश को निरस्त करने को कहा था। त्रिपुरा सरकार ने दावा किया कि विवादित क्षेत्र उत्तर त्रिपुरा जिले में आते हैं।
मिजोरम ने त्रिपुरा के पास स्थित फुलडुंगसेई जम्पुई और जोमुआंतलांग गांव में लागू निषेधाज्ञा आदेश को निरस्त किया
मिजोरम ने त्रिपुरा सीमा के पास स्थित फुलडुंगसेई जम्पुई और जोमुआंतलांग गांव में लागू निषेधाज्ञा आदेश को रविवार को निरस्त कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी राज्य के एक संगठन द्वारा इलाके में मंदिर का प्रस्तावित निर्माण रोके जाने का निर्णय लिए जाने के बाद निषेधाज्ञा आदेश निरस्त किए गए।

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने बताया कि त्रिपुरा सरकार ने भी मिजोरम द्वारा लिए गए इस आदेश को निरस्त करने को कहा था। त्रिपुरा सरकार ने दावा किया कि विवादित क्षेत्र उत्तर त्रिपुरा जिले में आते हैं। मिजोरम सरकार ने कहा कि 16 अक्टूबर को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी निषेधाज्ञा आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया क्योंकि त्रिपुरा के एक संगठन द्वारा थाईदार त्लांग में शिव मंदिर के प्रस्तावित निर्माण को रोक दिया गया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि त्रिपुरा-मिजोरम की सीमा के साथ सटे जम्पुई हिल्स के ऊपर बसे एक छोटे से गांव फूलपुरसेई पर त्रिपुरा और मिजोरम बिल्कुल आमने सामने हैं। जहाँ मिजोरम ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दिया था जिसके बाद त्रिपुरा की ओर से आये एक बयान में कहा गया कि यह क्षेत्र त्रिपुरा के प्रशासनिक नियंत्रण में है इसलिए मिजोरम को अपना निशेषधाज्ञा आदेश को वापिस लेना होगा। दरअसल यह विवाद पिछले तीन महीने से बना हुआ है. जब से यह खुलासा हुआ कि फूलपुरसेई गांव में रहने वाले लगभग 130  ग्रामीणों का राशन कार्ड और मतदाता सूची में नाम त्रिपुरा और मिजोरम दोनों जगह हैं। इसके बाद ताज़ा विवाद फुलडुंगसेई गांव के मंदिर निर्माण से सामने आया। 
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