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कृषि कानूनों पर 58वें दिन आंदोलन जारी, गणतंत्र दिवस पर किसानों के प्रदर्शन के लिए ट्रैक्टरों का आना शुरू

कृषि कानूनों पर किसानों का 58वें दिन भी प्रदर्शन जारी है, ऐसे में किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई है। इस रैली को लेकर किसान पंजाब और अन्य राज्यों से ट्रॉलियों में रख कर ट्रैक्टर ला रहे हैं।
कृषि कानूनों पर 58वें दिन आंदोलन जारी, गणतंत्र दिवस पर किसानों के प्रदर्शन के लिए ट्रैक्टरों का आना शुरू
कृषि कानूनों पर किसानों का 58वें दिन भी प्रदर्शन जारी है, ऐसे में किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई है। इस रैली को लेकर किसान पंजाब और अन्य राज्यों से ट्रॉलियों में रख कर ट्रैक्टर ला रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर खड़े कई ट्रॉलियों में दो-दो ट्रैक्टर रखे हुए हैं ताकि आगामी दिनों में ट्रैक्टरों की संख्या अधिक लगे और 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली पूरी तरह भव्य लगे।
उधर, पूर्व घोषित किसान परेड को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ किसान संगठनों की गुरुवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने दिल्ली में प्रवेश न करने की बात कही है, वहीं किसानों ने दिल्ली की रिंग रोड पर परेड करने की बात रखी है। दरअसल गणतंत्र दिवस के मौके पर देश भर से लाखों किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि ये परेड पूरी तरह से शान्तिपूर्ण होगी।
सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को 11वें दौर की वार्ता होनी है। उससे पहले सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव को किसानों ने नामंजूर किया है। सयुंक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन की मुख्य मांगों के रूप में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने और सभी किसानों के लिए सभी फसलों पर लाभदायक एमएसपी के लिए एक कानून बनाने की बात दोहराई। 
बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के कृषि सुधार कानूनों को लागू करने से डेढ़ साल के लिए टालने के प्रस्ताव को गुरुवार को ठुकरा दिया। संयुक्त किसान मोर्चा की लगभग छह घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और तीन कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने की मांग को दोहराया गया। सरकार ने बुधवार को किसान संगठनों को कृषि सुधार कानूनों को डेढ़ साल के लिए टालने का प्रस्ताव दिया था ।

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