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MP: आमजन की शिकायतों के निपटारे में देरी पर 16 अफसरों पर गिरी गाज, CM शिवराज ने दिए कार्रवाई के निर्देश

मध्य प्रदेश में आमजन की समस्याओं के निराकरण पर नजर रखने के लिए सीएम हेल्पलाइन और समाधान ऑन लाइन जैसी सेवाएं अस्तित्व में है।
MP: आमजन की शिकायतों के निपटारे में देरी पर 16 अफसरों पर गिरी गाज, CM शिवराज ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार अपने कार्यों को लेकर काफी जागरुक रहती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जनता की शिकायतों को लेकर एक हेल्पलाइन बनाई हुई है। जिसे लेकर वह खुद काफी सक्रिय रहते है। लेकिन प्रदेश में आमजन की समस्याओं के निराकरण पर नजर रखने के लिए सीएम हेल्पलाइन और समाधान ऑन लाइन जैसी सेवाएं अस्तित्व में है। इस सेवा में कई तरह की खामियां सामने आई है, जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त ऐतराज जताते हुए 16 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री चौहान ने सीएम हेल्प लाइन और समाधान ऑनलाइन सेवा की समीक्षा करते हुए में लंबित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई। आम जनता के कल्याण से जुड़े लंबित प्रकरणों का निराकरण अभियान के रूप में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने धार जिले में किसानों से खरीदे चने की राशि का तीन साल से भुगतान नहीं होने पर जांच के आदेश दिए है। 
इसके साथ ही किसानों को भुगतान नहीं होने पर अफसरों को फटकार के साथ ही तीन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इस मामले की जांच सहकारिता रजिस्ट्रार करेंगे। सरकार ने लापरवाही पर 16 अफसर-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि समाधान ऑनलाइन और सीएम हेल्प लाइन में जनता से जुड़े किसी भी काम में देरी नहीं होना चाहिए। 

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लंबित आवेदनों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर समीक्षा की जाए। जनता से जुड़ी आवश्यक सेवा में देरी करने वालों पर दोषी लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। बताया गया है कि धार जिले के राजाराम को 2018 से चने की फसल का भुगतान नहीं हुआ। इस मामले के सामने आने के बाद उसे 48,400 रु. का भुगतान किया गया। मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 
इसी तरह जबलपुर के आर्यांश मिश्रा ने ज्ञानगंगा इंस्टिटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस में बीटेक प्रथम सेमिस्टर का रिजल्ट नहीं आने पर आवेदन दिया था। इस मामले में महाविद्यालय प्रबंधन को नोटिस दिया गया। सूत्रों की मानें तो जिन सोलह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उन्हें निलंबन, वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिए जाने के अलावा कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई भी हुई है।



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