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MPC Meeting : RBI ने रेपो रेट में की 0.35% की बढ़ोत्तरी, कार-होम और पर्सनल सभी लोन होंगे महंगे

RBI ने रेपो रेट को 0.35 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। RBI के मुताबिक, अब रेपो रेट 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो जाएगा।
MPC Meeting : RBI ने रेपो रेट में की 0.35% की बढ़ोत्तरी, कार-होम और पर्सनल सभी लोन होंगे महंगे
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर झटका दिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (Monetary Policy Committee) की बैठक में लिए फैसलों का ऐलान किया। RBI ने रेपो रेट को 0.35 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। RBI के मुताबिक, अब रेपो रेट 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो जाएगा।
महंगे हो जाएंगे लोन और किश्तें 
आरबीआई ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मुद्रास्फीति (Inflation) को काबू में लाने के मकसद से यह कदम उठाया है।इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट  (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को सात प्रतिशत से घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। रेपो दर में वृद्धि का मतलब है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिया जाने वाला कर्ज महंगा होगा और मौजूदा ऋण की मासिक किस्त (ईएमआई) बढ़ेगी। 
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘मौजूदा आर्थिक स्थिति पर विचार करते हुए एमपीसी ने नीतिगत दर रेपो 0.35 प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और देश निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।’’ 
आरबीआई मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये इस साल मई से लेकर अबतक पांच बार में रेपो दर में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है। गवर्नर दास ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत पर रहेगी। यह केंद्रीय बैंक के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से अधिक है। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति अभी भी ऊंची बनी हुई है, ऐसे में मौद्रिक नीति के स्तर पर सूझ-बूझ की जरूरत है।

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