नेशनल कांफ्रेंस ने फारूक अब्दुल्ला की हिरासत अवधि बढ़ाये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

जम्मू : नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की हिरासत अवधि जन सुरक्षा कानून के तहत तीन महीने और बढ़ाने के सरकार के निर्णय को उनकी पार्टी ने शनिवार को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ एवं ‘‘अलोकतांत्रिक’’ करार दिया । नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंदर सिंह राणा ने बताया, ‘‘यह जो हुआ है वह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ राणा ने कहा, ‘‘अब्दुल्ला के खिलाफ जन सुरक्षा कानून लगाना अपने आप में जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा की राजनीति को एक झटका है क्योंकि वह हमेशा राष्ट्र और इसके मूल्यों के साथ खड़े रहे हैं ।’’ उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ‘‘अलोकतांत्रिक’’ है । 

इससे पहले अधिकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य में तीन बार मुख्यमंत्री रहे फारुक अब्दुल्ला की हिरासत अवधि शनिवार को तीन महीने के लिए और बढ़ा दी गई और वह उपकारागार में परिवर्तित अपने घर में रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड ने पांच बार के सांसद अब्दुल्ला के मामले की समीक्षा की, जिसने उनकी हिरासत अवधि जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत बढ़ाने की सिफारिश की । 

केंद्र शासित प्रदेश के गृह विभाग ने गुपकार मार्ग स्थित उनके आवास को उप कारागार घोषित कर दिया है । अब्दुल्ला (82) के दिल में पेसमेकर लगा हुआ है और कुछ साल पहले उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिनके खिलाफ सख्त जन सुरक्षा कानून लगाया गया है । 

अब्दुल्ला उन कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं में शुमार हैं जिन्हें पांच अगस्त से हिरासत में लिया गया है। केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा हटाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी । अब्दुल्ला के अलावा उनका बेटे और पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती तथा कुछ अन्य नेता भी पांच अगस्त से हिरासत में हैं । 
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