+

NGT ने तेलंगाना में दवा कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

NGT ने तेलंगाना में दवा कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने गुरुवार को तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले में दवा कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति के रामकृष्णन और न्यायमूर्ति सैबल दासगुप्ता की पीठ ने भारत सरकार, राज्य सरकार, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी), दिविज लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, श्रीनी फार्मास्युटिकल्स, मारुति कोटेक्स लिमिटेड और अन्य को नोटिस जारी करते हुए उनसे 21 अगस्त से पहले जवाब देने को कहा है।

NEET परीक्षा में OBC कोटे के रिजर्वेशन मामले में SC ने कहा- आरक्षण का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं

एनजीटी ने असल स्थिति जानने के लिए मामले की जांच के वास्ते एक समिति भी गठित की और उससे इलाके का निरीक्षण करने तथा दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। पीठ ने कहा, ‘‘इस समिति को यह भी जांच करने के निर्देश दिए गए है कि क्या मानकों का पालन किए बगैर किसी गैस के उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है और साथ ही उपचारात्मक कदमों का सुझाव भी दें।’’

एनजीटी ने किसी तरह का उल्लंघन पाए जाने पर पर्यावरणीय मुआवजे के आकलन के भी निर्देश दिए हैं। अधिकरण के निर्देश कालुष्य परीक्षण समिति की याचिका पर आए हैं जिसमें आरोप लगाया गया है कि यादाद्री भुवनगिरी जिले में स्थित दवा कंपनियां प्रदूषण फैला रही हैं। वकील श्रवण कुमार के जरिए दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये दवा कंपनियां प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
देश :
facebook twitter