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NIA ने जाली नोट रैकेट मामले में दायर किया दूसरा पूरक पत्र, वर्ष 2019 का है मामला

देश की केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मंगलवार को कहा है की, विभाग ने नकली भारतीय मुद्रा रैकेट मामले में सोहराब हुसैन के खिलाफ दूसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया है
NIA ने जाली नोट रैकेट मामले में दायर किया दूसरा पूरक पत्र, वर्ष 2019 का है मामला
देश की केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मंगलवार को कहा है की, विभाग ने नकली भारतीय मुद्रा रैकेट मामले में सोहराब हुसैन के खिलाफ दूसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया है। उन्होंने कहा, वह कथित तौर पर भारत में नकली भारतीय मुद्रा (करंसी) मुहैया करा रहा था। यह एक सीमा पार की साजिश थी और जांच एजेंसी को बांग्लादेश कनेक्शन का पता चला है। आरोप पत्र लखनऊ में विशेष एनआईए अदालत के समक्ष आईपीसी की धारा 120-बी, 489 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 16 और 18 के तहत दायर किया गया है। शुरूआत में, यूपी एटीएस ने 25 नवंबर, 2019 को 1,79,000 रुपये के नकली नोट जब्त किए थे। 
पश्चिम बंगाल से के जा रही थी एफआईसीएन की आपूर्ति
इस मामले में पहले उत्तर प्रदेश एटीएस, गोमतीनगर, लखनऊ में भी प्राथमिकी दर्ज कराई थी तथा बाद में एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और मामले की आगे की जांच के लिए एक टीम का गठन किया। जांच के दौरान, एनआईए ने पाया कि इस मामले के आरोपी व्यक्तियों ने उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) की तस्करी, खरीद और रखने की साजिश रची थी और यूपी राज्य में विभिन्न व्यक्तियों को आगे परिचालित और आपूर्ति की थी। अब तक की गई जांच में पता चला है कि बरामद एफआईसीएन की आपूर्ति पश्चिम बंगाल के मालदा से की जा रही थी।
वर्ष 2020 में तीन आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट 
एनआईए द्वारा जांच पूरी करने के बाद एनआईए ने 2020 में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में 2021 में उन्होंने एक अन्य आरोपी के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया। एनआईए अधिकारी ने कहा, आरोपी सोहराब हुसैन, जिसे दूसरे पूरक आरोपपत्र में आरोपपत्र में आरोपित के तौर पर शामिल किया गया है, वह एफआईसीएन तस्करी की साजिश में महत्वपूर्ण लोगों में से एक था और बांग्लादेश में स्थित एफआईसीएन नेटवर्क के संपर्क में भी था। एनआईए ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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