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नीतीश कुमार बोले- बिहार में जारी रहेगी शराबबंदी, कोई रियायत नहीं मिलेगी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी और किसी को कोई ढिलाई नहीं मिलेगी।
नीतीश कुमार बोले- बिहार में जारी रहेगी शराबबंदी, कोई रियायत नहीं मिलेगी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी और किसी को कोई ढिलाई नहीं मिलेगी। कुमार ने बिहार सैन्य पुलिस-5 परिसर स्थित मिथिलेश स्टेडियम में आयोजित राज्य पुलिस सप्ताह 2021 कार्यक्रम में कहा कि शराब मामले में अब तीव्र और व्यापक कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी में स्वान और उड़न दस्ते की भी मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘शराबबंदी मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है, यह लोगों के हित में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य से संबंधित 2018 में सर्वे रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि एक वर्ष में जितनी मौत होती है उसमें 5.3 प्रतिशत लोगों की मौत शराब पीने के कारण होती है। बीस से 39 आयु वर्ग के 13.5 प्रतिशत युवाओं की मौत शराब की वजह से होती है।’’
कुमार ने कहा कि शराबबंदी की मुहिम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस एवं उत्पाद विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। कुल 619 अधिकारियों एवं कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की गयी है और 348 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया कि 186 लोगों को बर्खास्त तथा 60 पुलिस पदाधिकारियों को थानाध्यक्ष के पद से हटाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, शांति एवं सद्भाव के साथ ही सकारात्मक माहौल बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका महत्वपूर्ण है। कोई भी अपराध की घटना घटने पर तत्काल जांच होती है और दोषियों को सजा दिलाई जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले से आज की तुलना में पुलिस के काम में बहुत अंतर आया है। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 2005 के बाद से बिहार का माहौल बदला है। कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते हैं, लेकिन राज्य में कानून का राज कायम रहेगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम लोगों ने पुलिस की सुविधाओं और उनकी जरुरतों को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं। पिछले 15 वर्षों में 50 हजार से अधिक नियुक्तियां पुलिस में की गई हैं।
दस हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। अगर पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की और आवश्यकता होगी तो उसे भी पूरा किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला बटालियन का गठन किया गया और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया। हर जिले में महिला थाना की स्थापना की गई है। पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या अब 23 प्रतिशत हो गई है और अगले 3-4 वर्षों में यह संख्या 30 से 35 प्रतिशत पहुंच जाएगी। शायद ही किसी राज्य में इतनी संख्या में महिलाएं पुलिस बल में होंगी।’’

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