आरे में पेड़ काटने के लिए किसी नए नोटिस की जरूरत नहीं : MMRC

मुंबई मेट्रो रेल निगम (एमएमआरसी) ने शनिवार को हरित कार्यकर्ताओं के इस तर्क को खारिज कर दिया कि बंबई उच्च न्यायालय द्वारा विरोध करने वाली याचिकाओं को खारिज किये जाने के बाद आरे कॉलोनी में पेड़ों को काटने से पहले मेट्रो को एक नए नोटिस की आवश्यकता है। 

एमएमआरसी ने मुंबई मेट्रो के तीसरे चरण के लिए एक ट्रेन शेड के निर्माण के लिए उत्तरी मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों को काटना शुरू कर दिया, जिसके बाद शुक्रवार रात विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। 

एमएमआरसी की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिड़े ने ट्वीट कर कहा कि कार्यकर्ताओं को अदालत में अपनी हार को स्वीकार करना चाहिए। 

उन्होंने कहा, ‘‘वृक्ष प्राधिकरण (नगर निगम) की अनुमति 13 सितंबर को जारी की गई थी। उच्च न्यायालय ने चार याचिकाओं को खारिज कर दिया है और एक याचिका के लिए 50000 रुपये का जुर्माना लगाया है।’’ 

भिड़े ने कहा कि अदालत ने सभी याचिकाओं को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, लेकिन कुछ लोग खुद को न्यायपालिका से भी ऊपर मानते हैं। 

एमएमआरसी के एमडी ने ट्वीट किया, ‘‘जबकि उनके खुद के कार्य अवैध हैं, वे बेकार का रोना रोते हैं। यदि आप अदालत में लड़ाई हार जाते हैं, तो इस पर हाय तौबा मचाने के बजाय इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार करना चाहिए।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘गलत प्रचार किया जा रहा है कि वेबसाइट पर अपलोड होने वाले वृक्ष प्राधिकरण के आदेश के बाद 15 दिनों के नोटिस की आवश्यकता है। यह बिल्कुल निराधार है। वृक्ष प्राधिकरण का आदेश 13 सितंबर को जारी किया गया है। 28 सितंबर को 15 दिन खत्म हो गए हैं। उच्च न्यायालय के फैसला आने तक इस पर काम शुरू करने का इंतजार था।’’ 

शुक्रवार रात से शुरू हुई पेड़ों की कटाई के खिलाफ बड़े पैमाने हुये विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने आरे कॉलोनी में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगा दी है। 

पुलिस ने बताया कि भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत 38 प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया गया, जबकि कम-से-कम 60 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 


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