दिल्ली से नोएडा-गाजियाबाद जाने पर जारी रहेगी पाबंदी, बॉर्डर सील करने के आदेश लागू रहेंगे

10:20 PM May 31, 2020 | Ujjwal Jain
केंद्र सरकार ने 30 मई को लॉकडाउन के पांचवे चरण के लिए नयी गाइडलाइन्स की घोषणा करते हुए कई रियायतों का ऐलान किया था। हालांकि लॉक डाउन की अवधि को 30 जून तक बढ़ा दिया गया है पर इस बार राज्यों के पास कई क्षेत्रों में छूट दिए जाने के अधिकार भी दिए गए है। यूपी सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मद्देनजर  राज्यों की सीमा खोलने के लिए फैसला लेते हुए जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो स्थिति का जायजा लेकर बॉर्डर की आवाजाही पर निर्णय ले सकते है। 
दिल्ली से सटे नॉएडा और ग़ाज़ियाबाद की सीमा को लेकर लोगों में कई आशंकाएं थी पर अब जिलाधिकारियों ने नए निर्देश जारी कर दिए है। लॉकडाउन- 5 के तहत एक जून से गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जनहित में नोएडा और दिल्ली सीमा को सील रखने का निर्णय लिया है। इसी के साथ गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दिल्ली-गाजियाबाद के बीच आवागमन पूर्व की भांति ही नियंत्रित रहेगा।  नोएडा और गाजियाबाद में कल से दफ्तर खुल रहे हैं। इसे देखते हुए जगह-जगह जाम लगने की आशंका काफी ज्यादा रहेगी। 
जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को रिपोर्ट दी कि पिछले 20 दिनों में कोविड-19 के जितने मामले मिले हैं, उन मामलों में से 42 प्रतिशत में संक्रमण का स्रोत दिल्ली को पाया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के साथ परामर्श एवं सहमति के उपरांत जनहित में निर्णय लिया गया है, कि नोएडा- दिल्ली सीमा को पूर्व की भांति सील रखा जाए। दिल्ली से नोएडा में प्रवेश वैध पास के आधार पर ही होगा। 
जिलाधिकारी ने बताया कि दुकानें और बाजार खोलने के संबंध में राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में जारी पिछले निर्देश बने रहेंगे। पहले की ही तरह शहरी क्षेत्रों में 50 फीसदी दुकानों को एकांतर के आधार पर खोलने की व्यवस्था लागू रहेगी। दुकानदारों और व्यापार मंडल के अनुरोध के आधार पर श्रम विभाग को व्यापारियों से परामर्श करने के बाद, साप्ताहिक अवकाश को संशोधित करने को कहा गया है। 
उन्होंने बताया कि इंसिडेंट कमांडर, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग नए दिशानिर्देशों के अनुसार निषिद्ध क्षेत्र को फिर से परिभाषित करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में बहुमंजिला आवासीय भवनों में निषिद्ध क्षेत्र के संबंध में यह नियम लागू होगा कि, यदि मल्टी स्टोरी सोसाइटी में स्थित एक टावर में एक या एक से अधिक संक्रमित मरीज पाए जाते है, तो वह टावर जहां संक्रमित केस पाया गया है, को ही निषिद्ध क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी सोसाइटी में एक से अधिक टावरों में मामले पाए जाते हैं तो ऐसे सभी टावर निषिद्ध क्षेत्र होंगे। वहां पार्क, जिम, स्विमिंग पूल, बैंक्वेट हॉल आदि जैसी सभी सुविधाएं निषिद्ध क्षेत्र के अंतर्गत ही मानी जाएगी।